हमारे सौरमंडल में अभी भी कितने राज़ छिपे हैं, इसका एक और सबूत सामने आया है। वैज्ञानिकों ने Pluto से भी आगे एक ऐसी चीज़ खोजी है, जो एक नया ड्वार्फ प्लैनेट यानी बौना ग्रह हो सकती है। इस खोज को अंतरिक्ष विज्ञान की दुनिया में पिछले कई सालों की सबसे बड़ी खोजों में गिना जा रहा है। आइए आसान भाषा में समझते हैं पूरा मामला।
क्या मिला है?
इस नए ऑब्जेक्ट को फिलहाल 2026 ED138 नाम दिया गया है। इसे चिली में मौजूद Vera C. Rubin Observatory के डेटा की मदद से खोजा गया है। ये एक “ट्रांस-नेप्च्यूनियन ऑब्जेक्ट” है, यानी ऐसी चीज़ जो नेप्च्यून ग्रह से भी आगे सूरज का चक्कर लगाती है।
इसकी खोज की ऑफिशियल घोषणा 27 अक्टूबर को इंटरनेशनल एस्ट्रोनॉमिकल यूनियन के Minor Planet Center ने की।
कितना बड़ा और कितना दूर?
वैज्ञानिकों का शुरुआती अंदाज़ा है कि ED138 का डायामीटर 600 से 1,500 किलोमीटर के बीच हो सकता है। अगर ये बड़े साइज़ के करीब निकला, तो ये Ceres से भी बड़ा होगा, जो अभी तक का सबसे छोटा मान्यता प्राप्त ड्वार्फ प्लैनेट है।
दूरी की बात करें तो ये इस वक्त सूरज से करीब 46 एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट दूर है। आसान भाषा में कहें तो पृथ्वी और सूरज के बीच जितनी दूरी है, उसका करीब 46 गुना। Pluto की औसत दूरी करीब 40 एस्ट्रोनॉमिकल यूनिट है, यानी ये Pluto से भी आगे है। इसकी कक्षा सौरमंडल के प्लेन से करीब 25 डिग्री झुकी हुई है।
कैसे हुई खोज?
इसे Harvard और Smithsonian से जुड़े वैज्ञानिक Matthew Holman ने 13 अक्टूबर की शाम खोजा। उन्होंने इसके लिए खुद एक खास सर्च प्रोग्राम तैयार किया था। इसके बाद Rubin की टीम के Mario Jurić ने पुराने डेटा में इसकी 20 और तस्वीरें ढूंढ निकालीं, जो मार्च 2026 तक की थीं।
पुराने आर्काइव डेटा की मदद से वैज्ञानिक इसकी कक्षा को 10 साल से भी ज़्यादा पीछे तक ट्रैक कर पाए। ये ऑब्जेक्ट आकाशगंगा यानी Milky Way के घने हिस्से के पास है, जहां चलती चीज़ों को पहचानना काफी मुश्किल होता है। शायद इसी वजह से अब तक ये बाकी टेलीस्कोप्स की नज़र से बचा रहा।
अभी “कैंडिडेट” क्यों है?
सबसे बड़ी बात ये है कि अभी इसे ऑफिशियली ड्वार्फ प्लैनेट नहीं माना गया है। ये सिर्फ एक “कैंडिडेट” है। इसका सही साइज़ जानने के लिए इन्फ्रारेड टेलीस्कोप से और जांच करनी होगी। वैज्ञानिकों का मानना है कि इतने बड़े बर्फीले ऑब्जेक्ट गोल आकार के होते हैं, जो ड्वार्फ प्लैनेट बनने की एक अहम शर्त है।
अगर ये कन्फर्म हो जाता है, तो ये Pluto, Ceres, Eris, Haumea और Makemake के बाद छठा मान्यता प्राप्त ड्वार्फ प्लैनेट बन सकता है।
क्या इसे देखा जा सकता है?
ये ऑब्जेक्ट इतना धुंधला है कि इसे नंगी आंखों से नहीं देखा जा सकता। लेकिन वैज्ञानिकों के मुताबिक अच्छे टेलीस्कोप वाले अनुभवी शौकिया खगोलशास्त्री इसे सही जगह पर ढूंढ सकते हैं।
Rubin Observatory ने जून 2026 में ही अपना बड़ा सर्वे शुरू किया है। ये टेलीस्कोप हर कुछ दिनों में पूरे आसमान की तस्वीर लेता है। जानकारों का कहना है कि आने वाले सालों में ये ऐसे और भी कई राज़ खोल सकता है।
स्रोत: Rubin Observatory, University of Washington, NSF




