इस बार मुहूरत ट्रेडिंग 2026 रविवार, 8 नवंबर को होगी और शेयर बाज़ार में स्पेशल सेशन दोपहर 2:20 बजे से 3:30 बजे तक चलेगा। BSE और NSE ने अलग-अलग सर्कुलर जारी कर इसकी टाइमिंग तय की है, जिसमें 15 मिनट का प्री-ओपन सेशन भी शामिल है।
मुख्य बातें
- तारीख: रविवार, 8 नवंबर 2026 (दिवाली, लक्ष्मी पूजा का दिन)।
- प्री-ओपन 2:05 से 2:20 बजे, नॉर्मल ट्रेडिंग 2:20 से 3:30 बजे तक।
- इक्विटी, F&O, करेंसी और कमोडिटी डेरिवेटिव्स में ट्रेडिंग होगी।
- रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 18 में से 15 मुहूरत सेशन में बाज़ार हरे निशान पर बंद हुआ।
मुहूरत ट्रेडिंग 2026 का पूरा टाइम-टेबल
आम दिनों में बाज़ार सुबह 9:15 से दोपहर 3:30 बजे तक खुलता है। मुहूरत वाले दिन पूरा शेड्यूल दोपहर में खिसक जाता है। एक्सचेंजों के तय कार्यक्रम के अनुसार 8 नवंबर का क्रम कुछ ऐसा रहेगा:
- ट्रेडिंग मेंबर लॉगिन: दोपहर 1:15 से 1:50 बजे
- ब्लॉक डील विंडो: 1:50 से 2:05 बजे
- प्री-ओपनिंग सेशन: 2:05 से 2:20 बजे
- नॉर्मल (कंटीन्यूअस) ट्रेडिंग: 2:20 से 3:30 बजे
- क्लोज़िंग सेशन: 3:30 से 3:50 बजे
- पोस्ट-क्लोज़िंग: 3:50 से 4:00 बजे
छोटा-सा हिसाब लगाइए: नॉर्मल दिन में लगातार ट्रेडिंग करीब 375 मिनट चलती है, जबकि मुहूरत में ये सिर्फ 70 मिनट की है। यानी आम दिन का करीब 19% समय। इतने कम वक्त में ऑर्डर तेज़ी से आते-जाते हैं, इसलिए जो भी करना है, पहले से तय करके बैठें।
एक बात और नोट कर लें: रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 नवंबर (मंगलवार) को दिवाली बलिप्रतिपदा की छुट्टी के चलते बाज़ार बंद रहेगा।
मुहूरत ट्रेडिंग क्या है और क्यों होती है?
दिवाली को कई कारोबारी परिवार नए हिसाब-किताब यानी नए संवत की शुरुआत मानते हैं। इसी परंपरा से जुड़ा है मुहूरत ट्रेडिंग का एक घंटे का सांकेतिक सेशन, जिसमें लोग ‘शगुन’ के तौर पर कुछ शेयर खरीदते हैं। ये सेशन हर साल दिवाली के दिन ही होता है, चाहे उस दिन वीकेंड हो या छुट्टी। इस बार भी रविवार होने के बावजूद बाज़ार इसी वजह से खुलेगा।
ये कोई अलग तरह की ट्रेडिंग नहीं है। इस दौरान खरीदे-बेचे गए शेयर सामान्य सौदों की तरह ही गिने जाते हैं और उन पर ब्रोकरेज व दूसरे चार्ज भी आम दिनों जैसे ही लगते हैं।
पिछले सालों का रिकॉर्ड क्या कहता है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक पिछले 18 सालों में 15 बार मुहूरत सेशन में Sensex-Nifty बढ़त के साथ बंद हुए। सबसे बड़ी तेज़ी 28 अक्टूबर 2008 को आई थी, जब इंडेक्स करीब 6% उछले थे। ये वही दौर था जब वैश्विक मंदी के बाद बाज़ार बहुत नीचे आ चुका था। पिछले साल यानी 21 अक्टूबर 2025 के सेशन में बाज़ार मामूली बढ़त पर बंद हुआ था।
लेकिन इस रिकॉर्ड को ‘गारंटी’ समझना गलती होगी। एक घंटे के सेशन में वॉल्यूम कम होता है और ज़्यादातर लोग शगुन वाली छोटी खरीदारी करते हैं, इसलिए हल्की तेज़ी आना आम बात है। इससे आने वाले हफ्तों या महीनों में बाज़ार कैसा रहेगा, इसका कोई पक्का अंदाज़ा नहीं लगता।
आपके लिए इसका मतलब: ट्रेड करने से पहले 5 बातें
- पहले से लॉगिन करें: 2:20 बजे एक साथ लाखों लोग ऐप खोलते हैं। ऐप अपडेट और लॉगिन 2 बजे से पहले कर लें।
- लिमिट ऑर्डर लगाएं: कम वॉल्यूम में कीमत अचानक उछल सकती है, मार्केट ऑर्डर से महंगा सौदा हो सकता है।
- उधार या भारी लीवरेज से बचें: शगुन का सौदा छोटा ही रखें।
- वही शेयर लें जिसे आप जानते हैं: ‘दिवाली टिप्स’ वाले मैसेज के भरोसे न रहें।
- चार्ज जोड़कर देखें: ₹1,000-2,000 की छोटी खरीद पर भी ब्रोकरेज और टैक्स लगते हैं।
Tazanews की राय: मुहूरत ट्रेडिंग को त्योहार की परंपरा की तरह देखें, कमाई के शॉर्टकट की तरह नहीं। लंबी अवधि के निवेशक के लिए असली फर्क रोज़ के अनुशासन से पड़ता है, किसी एक घंटे से नहीं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
मुहूरत ट्रेडिंग 2026 कब है?
रविवार, 8 नवंबर 2026 को। नॉर्मल ट्रेडिंग दोपहर 2:20 से 3:30 बजे तक होगी, प्री-ओपन 2:05 बजे शुरू होगा।
क्या मुहूरत ट्रेडिंग में खरीदे शेयर बेचना ज़रूरी है?
नहीं। ये सामान्य सौदे होते हैं, आप डिलीवरी में शेयर लेकर उन्हें जितने दिन चाहें रख सकते हैं।
दिवाली के बाद शेयर बाज़ार की छुट्टी कब है?
रिपोर्ट्स के मुताबिक 10 नवंबर 2026 (मंगलवार) को बलिप्रतिपदा पर बाज़ार बंद रहेगा।
(नोट: ये खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, इसे निवेश की सलाह न समझें।)
स्रोत: India TV News, India IPO




