PPF vs FD का सवाल हर उस घर में उठता है जहां सुरक्षित बचत की बात होती है। अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए सरकार ने PPF की ब्याज दर 7.1% पर बरकरार रखी है, जबकि SBI में 5 से 10 साल की FD पर आम ग्राहकों को 6.05% ब्याज मिल रहा है। पहली नज़र में फर्क सिर्फ एक फीसदी का लगता है, लेकिन टैक्स और लॉक-इन जोड़ते ही तस्वीर काफी बदल जाती है।
मुख्य बातें
- PPF: 7.1% ब्याज, 15 साल का लॉक-इन, ब्याज और मैच्योरिटी रकम टैक्स-फ्री।
- SBI FD (5–10 साल): आम ग्राहक 6.05%, सीनियर सिटीज़न 7.05%, लेकिन ब्याज पर टैक्स लगता है।
- हमारी गणना में 15 साल तक हर साल ₹1.5 लाख लगाने पर PPF से करीब ₹40.7 लाख बनते हैं।
- 30% टैक्स स्लैब वाले के लिए इसी रकम पर FD से टैक्स के बाद करीब ₹31.8 लाख।
PPF और FD: बुनियादी फर्क एक नज़र में
PPF (पब्लिक प्रोविडेंट फंड) सरकार की छोटी बचत योजना है। इसमें हर वित्त वर्ष कम से कम ₹500 और ज़्यादा से ज़्यादा ₹1.5 लाख जमा कर सकते हैं। खाता 15 साल का होता है, जिसे बाद में 5-5 साल के लिए बढ़ाया जा सकता है। ब्याज हर महीने के बैलेंस पर जुड़ता है और साल के आखिर में खाते में आता है। इसकी दर सरकार हर तिमाही तय करती है।
बैंक FD में आप एक बार पैसा जमा करके तय अवधि के लिए तय ब्याज लॉक कर लेते हैं। अवधि 7 दिन से 10 साल तक चुन सकते हैं, और ज़रूरत पड़ने पर जुर्माना देकर समय से पहले तोड़ भी सकते हैं। 5 साल की टैक्स-सेवर FD में लॉक-इन होता है, उसे बीच में नहीं तोड़ सकते।
- ब्याज दर: PPF 7.1% | SBI FD 6.05% (सीनियर सिटीज़न 7.05%)
- ब्याज पर टैक्स: PPF में नहीं | FD में आपके टैक्स स्लैब के हिसाब से
- लॉक-इन: PPF 15 साल (नियमों के तहत तय सालों के बाद आंशिक निकासी) | सामान्य FD कभी भी तोड़ सकते हैं
- ब्याज दर में बदलाव: PPF की दर हर तिमाही बदल सकती है | FD में बुकिंग के वक्त की दर पूरी अवधि तक रहती है
असली हिसाब: 15 साल में किसमें कितना बनेगा?
मान लीजिए आप हर साल अप्रैल में ₹1.5 लाख जमा करते हैं और यह सिलसिला 15 साल चलता है। कुल निवेश होगा ₹22.5 लाख। अगर दोनों विकल्पों की दरें पूरे समय आज जितनी ही रहें, तो हमारी गणना कुछ ऐसी बनती है:
- PPF (7.1%, टैक्स-फ्री): करीब ₹40.7 लाख
- FD (6.05%, टैक्स से पहले): करीब ₹37.6 लाख
- FD, 30% स्लैब वाले के लिए टैक्स के बाद: करीब ₹31.8 लाख
यानी ऊंचे टैक्स स्लैब वाले के लिए 15 साल में फर्क करीब ₹9 लाख का हो सकता है। FD की गणना में हमने तिमाही कंपाउंडिंग मानी है और ये माना है कि हर साल का ब्याज उसी दर पर दोबारा लगता रहे। असल में दोनों दरें समय के साथ ऊपर-नीचे होंगी, इसलिए इन आंकड़ों को अंदाज़ा समझें, गारंटी नहीं।
टैक्स में छूट: पुरानी और नई टैक्स व्यवस्था का फर्क
PPF में जमा रकम पर नए इनकम टैक्स एक्ट, 2025 की धारा 123 के तहत ₹1.5 लाख तक की कटौती मिलती है, लेकिन सिर्फ पुरानी टैक्स व्यवस्था चुनने वालों को। यही सीमा 5 साल की टैक्स-सेवर FD और दूसरे तय निवेशों के साथ साझा होती है। नई टैक्स व्यवस्था में यह कटौती नहीं मिलती।
फिर भी नई व्यवस्था वालों के लिए PPF का एक बड़ा फायदा बचा रहता है: इसका ब्याज और मैच्योरिटी रकम टैक्स-फ्री है। FD का ब्याज हर हाल में आपकी आय में जुड़कर टैक्स होता है। जो लोग टैक्स के दायरे में ही नहीं आते, उनके लिए यह फर्क लगभग खत्म हो जाता है।
Tazanews की राय: किसके लिए क्या सही
PPF उनके लिए बेहतर है जो 15 साल या उससे लंबा लक्ष्य रखते हैं, जैसे रिटायरमेंट या बच्चों की आगे की पढ़ाई, और ऊंचे टैक्स स्लैब में हैं। जल्दी पैसे की ज़रूरत न हो, तो टैक्स-फ्री कंपाउंडिंग का फायदा समय के साथ बढ़ता जाता है।
FD उनके लिए बेहतर है जिन्हें 1 से 5 साल में पैसा चाहिए, इमरजेंसी फंड रखना है, या जो रिटायर हो चुके हैं। सीनियर सिटीज़न को SBI में 7.05% मिल रहा है, जो PPF के करीब है और पैसा ज़्यादा जल्दी हाथ में आता है।
व्यावहारिक तरीका ये है कि दोनों को साथ रखें: लंबी अवधि की बचत PPF में और छोटी ज़रूरतों के लिए FD। PPF में पैसा वित्त वर्ष की शुरुआत में ही जमा करना फायदेमंद रहता है, क्योंकि ब्याज महीने के बैलेंस पर जुड़ता है। FD बुक करने से पहले 2–3 बैंकों की ताज़ा दरें ज़रूर मिलाएं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
PPF की ब्याज दर अभी कितनी है?
अक्टूबर-दिसंबर 2026 तिमाही के लिए PPF पर 7.1% सालाना ब्याज तय है। अगली समीक्षा दिसंबर के आखिर में होगी।
क्या नई टैक्स व्यवस्था में PPF का फायदा है?
जमा रकम पर ₹1.5 लाख की कटौती नहीं मिलती, लेकिन PPF का ब्याज और मैच्योरिटी रकम टैक्स-फ्री रहती है।
सीनियर सिटीज़न के लिए PPF बेहतर है या FD?
SBI में सीनियर सिटीज़न को 5–10 साल की FD पर 7.05% मिल रहा है और पैसा जल्दी निकल सकता है। 15 साल का लॉक-इन ठीक न लगे, तो FD ज़्यादा व्यावहारिक है, लेकिन ब्याज पर टैक्स ध्यान में रखें।
(नोट: ये खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, इसे निवेश की सलाह न समझें।)
स्रोत: Business Standard, Paisabazaar, GoldenPi




