IPO में कैसे अप्लाई करें? UPI से पूरा तरीका, नियम और T+3 टाइमलाइन

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स्टॉक चार्ट वाले स्मार्टफोन का ग्राफिक, IPO में कैसे अप्लाई करें UPI गाइड

बड़े IPO की खबर आते ही बहुत से लोग पहली बार शेयर बाज़ार में कदम रखना चाहते हैं, लेकिन सवाल वही रहता है कि IPO में अप्लाई कैसे करें। अच्छी बात ये है कि आज ये काम मोबाइल पर UPI से 5 मिनट में हो जाता है, बस कुछ नियम और डेडलाइन समझनी ज़रूरी हैं, वरना आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।

मुख्य बातें

  • IPO में अप्लाई के लिए PAN, डीमैट-ट्रेडिंग अकाउंट और UPI से जुड़ा बैंक अकाउंट चाहिए।
  • रिटेल निवेशक ₹2 लाख तक बोली लगा सकता है, UPI से एक आवेदन की सीमा ₹5 लाख है।
  • UPI मैंडेट IPO बंद होने वाले दिन शाम 5 बजे तक मंज़ूर करना ज़रूरी है।
  • T+3 नियम: IPO बंद होने के तीसरे कामकाजी दिन शेयर लिस्ट हो जाते हैं।

अप्लाई करने से पहले क्या-क्या चाहिए

तीन चीज़ें तैयार रखें। पहला, PAN कार्ड, जिसका नाम आपके डीमैट रिकॉर्ड से मेल खाता हो। दूसरा, किसी ब्रोकर के पास डीमैट और ट्रेडिंग अकाउंट। तीसरा, एक बैंक अकाउंट जिससे UPI ID जुड़ी हो। ध्यान रहे, UPI ID उसी व्यक्ति के नाम की होनी चाहिए जिसके नाम पर डीमैट अकाउंट है। किसी और की UPI ID से किया गया आवेदन रिजेक्ट हो सकता है।

UPI से IPO में अप्लाई करने का तरीका

  1. अपने ब्रोकर का ऐप खोलें और IPO सेक्शन में जाएं।
  2. जिस IPO में पैसा लगाना है उसे चुनें। उसकी खुलने-बंद होने की तारीख, प्राइस बैंड और लॉट साइज़ देख लें। कंपनी का RHP (रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस) भी पढ़ें।
  3. कितने लॉट लेने हैं, वो भरें। एक लॉट में तय संख्या में शेयर होते हैं, आप कम से कम एक लॉट के लिए अप्लाई करते हैं।
  4. “कट-ऑफ प्राइस” वाला बॉक्स टिक करें। इसका मतलब है कि कंपनी प्राइस बैंड में जो भी फाइनल कीमत तय करेगी, आप उसी पर शेयर लेने को तैयार हैं।
  5. अपनी UPI ID डालें और सबमिट करें।
  6. कुछ देर में आपके UPI ऐप में “मैंडेट” रिक्वेस्ट आएगी। उसे खोलकर UPI पिन से मंज़ूर करें। इसके बाद आपके खाते में उतनी रकम ब्लॉक हो जाएगी, कटेगी नहीं।

जिनके पास UPI नहीं है, वो अपने बैंक की नेट बैंकिंग में ASBA सुविधा से भी अप्लाई कर सकते हैं। वहां भी पैसा अलॉटमेंट तक सिर्फ ब्लॉक रहता है।

पैसा कब ब्लॉक, कब कटेगा: T+3 टाइमलाइन

मान लीजिए कोई IPO सोमवार को बंद हुआ, तो वो दिन “T” है। इसके बाद का हिसाब कुछ यूं चलता है:

  • T (सोमवार): आखिरी दिन। रिटेल बोली शाम 5 बजे तक, और UPI मैंडेट मंज़ूरी भी 5 बजे तक।
  • T+1 (मंगलवार): अलॉटमेंट फाइनल होता है। रजिस्ट्रार की वेबसाइट या NSE/BSE पर स्टेटस चेक कर सकते हैं।
  • T+2 (बुधवार): जिन्हें शेयर नहीं मिले, उनका ब्लॉक पैसा रिलीज़ होता है। जिन्हें मिले, उनके डीमैट में शेयर आ जाते हैं और खाते से पैसा कटता है।
  • T+3 (गुरुवार): शेयर स्टॉक एक्सचेंज पर लिस्ट होकर ट्रेडिंग शुरू।

बीच में छुट्टी पड़े तो ये तारीखें एक-एक दिन आगे खिसक जाती हैं, क्योंकि गिनती कामकाजी दिनों की होती है।

कितना पैसा लगाएं: एक आसान हिसाब

मान लीजिए किसी IPO का प्राइस बैंड ₹95 से ₹100 है और एक लॉट 150 शेयर का है। कट-ऑफ पर अप्लाई करने पर एक लॉट के लिए ऊपरी कीमत से हिसाब लगेगा: 150 × ₹100 = ₹15,000 ब्लॉक होंगे। रिटेल सीमा ₹2 लाख है, तो आप ज़्यादा से ज़्यादा 13 लॉट (13 × ₹15,000 = ₹1,95,000) ले सकते हैं। अगर फाइनल कीमत ₹100 तय हुई और एक लॉट मिला, तो ₹15,000 कटेंगे और बाकी ब्लॉक रकम वापस खुल जाएगी।

एक बात समझ लें: लोकप्रिय IPO में रिटेल कोटा कई गुना ओवरसब्सक्राइब हो जाता है। ऐसे में ज़्यादा लॉट भरने से शेयर मिलने की संभावना खास नहीं बढ़ती, क्योंकि आम तौर पर रिटेल में ज़्यादा से ज़्यादा लोगों को कम से कम एक लॉट देने के लिए लॉटरी से अलॉटमेंट होता है। इसलिए कई लोग एक ही लॉट भरते हैं, ताकि बाकी पैसा फंसा न रहे।

ये गलतियां न करें

  • एक PAN से दो आवेदन: एक ही कैटेगरी में एक PAN से दो आवेदन करने पर दोनों रिजेक्ट हो सकते हैं। परिवार के अलग-अलग सदस्य अपने-अपने PAN और डीमैट से अप्लाई कर सकते हैं।
  • आखिरी घंटे का इंतज़ार: कई बैंक और ब्रोकर आखिरी दिन 4 बजे के आसपास ही आवेदन लेना बंद कर देते हैं। मैंडेट देर से आए तो मंज़ूर करने का समय नहीं बचता।
  • खाते में कम बैलेंस: मैंडेट मंज़ूर करते समय पूरी रकम खाते में होनी चाहिए।
  • सिर्फ GMP देखकर फैसला: ग्रे मार्केट प्रीमियम अनौपचारिक अनुमान है, कोई गारंटी नहीं।

आपके लिए इसका मतलब

IPO में अप्लाई करना तकनीकी रूप से आसान है, असली मेहनत कंपनी को समझने में है। कंपनी क्या करती है, मुनाफा कमा रही है या नहीं, IPO का पैसा कहां लगेगा और वैल्यूएशन कितना है, ये सब RHP में लिखा होता है। लिस्टिंग के दिन मुनाफे की उम्मीद में कर्ज़ लेकर या इमरजेंसी फंड तोड़कर पैसा लगाना समझदारी नहीं है, क्योंकि हर IPO प्रीमियम पर लिस्ट नहीं होता।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

IPO में शेयर नहीं मिले तो पैसा कब वापस आएगा?

पैसा असल में कटता ही नहीं, सिर्फ ब्लॉक होता है। अलॉटमेंट न होने पर आम तौर पर T+2 दिन तक ये ब्लॉक हट जाता है।

क्या बिना डीमैट अकाउंट के IPO में अप्लाई कर सकते हैं?

नहीं। शेयर डीमैट अकाउंट में ही आते हैं, इसलिए पहले किसी ब्रोकर के पास डीमैट खुलवाना होगा।

अलॉटमेंट स्टेटस कहां चेक करें?

IPO के रजिस्ट्रार की वेबसाइट पर, या NSE और BSE की वेबसाइट पर PAN या एप्लिकेशन नंबर डालकर। ज़्यादातर ब्रोकर ऐप में भी स्टेटस दिख जाता है।

(नोट: ये खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, इसे निवेश की सलाह न समझें।)

स्रोत: Kotak Securities, INDmoney, CalcGuru

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