धनतेरस 2026: ₹1 लाख करोड़ के कारोबार का अनुमान, हल्के गहनों की मांग

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सोने और चांदी के सिक्कों व दीये का ग्राफिक, धनतेरस 2026 पर ₹1 लाख करोड़ के कारोबार का अनुमान

धनतेरस पर देशभर के बाज़ारों में ज़बरदस्त रौनक है। व्यापारियों के संगठन CAIT का अनुमान है कि धनतेरस 2026 पर कुल कारोबार ₹1 लाख करोड़ के पार जा सकता है, और इसमें सबसे बड़ा हिस्सा सोने-चांदी की खरीदारी का रहेगा।

लेकिन इस बार खरीदारी का अंदाज़ बदला हुआ है। भारी गहनों की जगह लोग हल्के 14 और 18 कैरेट के गहने, चांदी के सिक्के और छोटी मूर्तियां ज़्यादा ले रहे हैं।

मुख्य बातें

  • CAIT के अनुमान के मुताबिक धनतेरस पर ₹1 लाख करोड़ से ज़्यादा का कारोबार
  • सोने-चांदी की बिक्री ₹60,000 करोड़ से ऊपर रहने की उम्मीद
  • महंगे सोने की वजह से 14 और 18 कैरेट के हल्के गहनों की मांग बढ़ी
  • चांदी के सिक्के, बर्तन और मछली-कछुआ-हाथी जैसी मूर्तियां खूब बिक रहीं

कितने का कारोबार, किसका अनुमान

Confederation of All India Traders (CAIT) के मुताबिक धनतेरस के एक दिन में सभी तरह की रिटेल खरीदारी मिलाकर ₹1 लाख करोड़ से ज़्यादा का बिज़नेस होने की उम्मीद है। इसमें सोना और चांदी अकेले ₹60,000 करोड़ से ज़्यादा का हिस्सा ले सकते हैं।

ज्वेलर्स के संगठन AIJGF ने गोल्ड-सिल्वर कारोबार करीब ₹66,000 करोड़ रहने का अनुमान दिया है, जो पिछले साल से लगभग 10% ज़्यादा होगा। ध्यान रहे, ये रुपये में खर्च का अनुमान है। सोना महंगा होने से रकम बढ़ सकती है, भले ही ग्राम के हिसाब से खरीदारी उतनी न बढ़े।

भारी गहने आउट, हल्के डिज़ाइन इन

आज 24 कैरेट सोना अलग-अलग शहरों में करीब ₹1.45 से ₹1.49 लाख प्रति 10 ग्राम के दायरे में बताया जा रहा है। इतनी ऊंची कीमत पर कई परिवार बजट संभालने के लिए 22 कैरेट की जगह 18 या 14 कैरेट के हल्के गहने चुन रहे हैं। चांदी में सिक्के, छोटे बर्तन और शुभ मानी जाने वाली मूर्तियों की मांग टियर-1 से लेकर छोटे शहरों तक दिख रही है।

आपके लिए इसका मतलब: कैरेट से कितना फर्क पड़ता है

सीधा हिसाब समझिए। 22 कैरेट में करीब 91.6% शुद्ध सोना होता है, 18 कैरेट में 75% और 14 कैरेट में करीब 58.5%। मान लीजिए 24 कैरेट का भाव ₹1,45,000 प्रति 10 ग्राम है, तो 10 ग्राम के गहने में सिर्फ सोने की वैल्यू मोटे तौर पर ऐसी बनेगी:

  • 22 कैरेट: करीब ₹1,32,800
  • 18 कैरेट: करीब ₹1,08,750
  • 14 कैरेट: करीब ₹84,800

इसके ऊपर मेकिंग चार्ज और 3% GST अलग से जुड़ता है। यानी 22 से 18 कैरेट पर जाने से 10 ग्राम पर करीब ₹24,000 तक की बचत हो सकती है। हां, कम कैरेट वाले गहने को बेचते या एक्सचेंज करते वक्त भी कीमत उसी शुद्धता के हिसाब से लगेगी, ये बात याद रखें।

Tazanews की राय: धनतेरस पर शगुन के तौर पर थोड़ी खरीदारी ठीक है, लेकिन जोश में बजट से बाहर न जाएं। गहना लेते वक्त BIS हॉलमार्क और HUID नंबर ज़रूर देखें, बिल पर कैरेट, वज़न और मेकिंग चार्ज अलग-अलग लिखवाएं। अगर पूजा या गिफ्ट के लिए चांदी का सिक्का लेना है, तो उस पर शुद्धता का निशान (जैसे 999) चेक करें।

(इस लिंक से खरीदारी करने पर Tazanews को कमीशन मिल सकता है, आपकी कीमत पर कोई असर नहीं पड़ता।)

पिछले साल से तुलना

ज्वेलरी इंडस्ट्री का कहना है कि इस बार बिक्री की वैल्यू 20-30% तक बढ़ सकती है, लेकिन वज़न के हिसाब से खरीदारी लगभग पिछले साल जितनी ही रहने का अनुमान है। वजह साफ है, सोना पिछले धनतेरस से महंगा है, हालांकि जनवरी 2026 के रिकॉर्ड स्तर से नीचे आ चुका है। धनतेरस इस बार महीने की शुरुआत में पड़ा है, इसलिए सैलरी आने के बाद कई लोग दिवाली तक खरीदारी जारी रख सकते हैं।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

धनतेरस 2026 पर कितने का कारोबार होने का अनुमान है?

CAIT के मुताबिक धनतेरस पर कुल कारोबार ₹1 लाख करोड़ से ज़्यादा हो सकता है, जिसमें सोना-चांदी ₹60,000 करोड़ से ऊपर रह सकते हैं।

18 कैरेट गहना लेना फायदेमंद है या नहीं?

18 कैरेट गहना 22 कैरेट से सस्ता और मज़बूत होता है, लेकिन इसमें शुद्ध सोना 75% ही होता है। बेचते वक्त कीमत भी इसी हिसाब से मिलती है।

धनतेरस पर सोना खरीदते वक्त क्या चेक करें?

BIS हॉलमार्क, 6 अंकों का HUID नंबर, कैरेट, वज़न और मेकिंग चार्ज। पक्का बिल लेना न भूलें।

स्रोत: Business Today, Open Magazine, IBTimes India

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