भारत ने जापान को 4-1 से हराया, छठी बार जीती Asian Champions Trophy

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Asian Champions Trophy फाइनल: हॉकी स्टिक, गेंद और ट्रॉफी वाला ग्राफिक, भारत ने जापान को 4-1 से हराया

भारतीय हॉकी टीम ने गुरुवार रात मोहाली में Asian Champions Trophy 2026 के फाइनल में जापान को 4-1 से हराकर खिताब अपने नाम कर लिया। शुरुआत में 0-1 से पिछड़ने के बाद टीम इंडिया ने दूसरे हाफ में ज़बरदस्त वापसी की और रिकॉर्ड छठी बार यह ट्रॉफी जीती।

मुख्य बातें

  • फाइनल में भारत 4, जापान 1; भारत का रिकॉर्ड छठा Asian Champions Trophy खिताब
  • जापान ने तीसरे मिनट में बढ़त ली, हाफ टाइम तक 0-1 से पीछे रहा भारत
  • Shilanand Lakra, Dilpreet Singh, Jugraj Singh और Vivek Sagar Prasad ने किए गोल
  • 2023 और 2024 के बाद लगातार तीसरी बार चैंपियन बना भारत

पहले हाफ में जापान का झटका

मैच की शुरुआत भारत के लिए अच्छी नहीं रही। तीसरे ही मिनट में जापान के Kazumasa Matsumoto ने मुश्किल एंगल से रिवर्स फ्लिक लगाकर गोल कर दिया। इसके बाद जापान की टीम ने दबाव बनाए रखा और भारत कई बार गेंद पर कंट्रोल खोता दिखा।

पहले क्वार्टर में भारत को पेनल्टी कॉर्नर के लिए लिया गया रिव्यू भी गंवाना पड़ा। Hardik Singh का शॉट जापानी गोलकीपर ने बचा लिया और रिबाउंड पर भी गोल नहीं हो सका। तीसरे क्वार्टर की शुरुआत में Harmanpreet Singh की ड्रैग फ्लिक भी सीधे गोलकीपर के पास चली गई। यानी करीब 40 मिनट तक घरेलू दर्शकों की धड़कनें बढ़ी रहीं।

दूसरे हाफ में ऐसे पलटा मैच

42वें मिनट में मैच का रुख बदला। पेनल्टी कॉर्नर पर कप्तान Harmanpreet ने सीधे ड्रैग फ्लिक लगाने के बजाय गेंद Shilanand Lakra की तरफ बढ़ाई, और Lakra ने बराबरी का गोल दाग दिया। जापान ने रेफरल लिया, लेकिन TV अंपायर ने गोल को सही माना।

चौथे क्वार्टर में भारत पूरी तरह हावी रहा। Dilpreet Singh ने शानदार टर्न के साथ गोल कर भारत को 2-1 से आगे किया। 53वें मिनट में Jugraj Singh ने पेनल्टी कॉर्नर पर ड्रैग फ्लिक से टॉप कॉर्नर में गेंद डालकर बढ़त 3-1 कर दी। इसके तुरंत बाद Vivek Sagar Prasad ने रिबाउंड पर चौथा गोल कर जीत पक्की कर दी। भारत के चारों गोल 42वें से 55वें मिनट के बीच आए।

पूरे टूर्नामेंट में दबदबा

Craig Fulton की कोचिंग वाली टीम इंडिया पूरे टूर्नामेंट में अजेय रही। लीग स्टेज में भी भारत ने जापान को 4-1 से ही हराया था, और सेमीफाइनल में दक्षिण कोरिया को 8-1 से रौंदा था। दूसरी तरफ जापान ने सेमीफाइनल में मलेशिया को गोलरहित ड्रॉ के बाद पेनल्टी शूटआउट में 5-3 से हराकर फाइनल में जगह बनाई थी।

इस जीत के साथ भारत के Asian Champions Trophy खिताबों की गिनती छह हो गई, जो इस टूर्नामेंट में किसी भी टीम के सबसे ज़्यादा हैं। भारत ने 2023 और 2024 का खिताब भी जीता था, यानी यह लगातार तीसरी ट्रॉफी है।

Tazanews की राय

इस फाइनल की सबसे बड़ी सीख यह है कि टीम अब पीछे रहकर घबराती नहीं। आधे घंटे से ज़्यादा 0-1 से पिछड़ने के बाद भी खिलाड़ियों ने धैर्य रखा और पेनल्टी कॉर्नर पर अलग-अलग विकल्प आज़माए। Harmanpreet का खुद शॉट लेने के बजाय पास देना दिखाता है कि टीम सिर्फ एक ड्रैग फ्लिकर पर निर्भर नहीं है।

हालांकि पहले हाफ में जापान के दबाव के सामने गेंद गंवाने की गलतियां भी दिखीं। बड़े टूर्नामेंट्स में यूरोप की मज़बूत टीमों के खिलाफ ऐसी चूक भारी पड़ सकती है। फिर भी घरेलू मैदान पर फाइनल में पिछड़कर जीतना टीम के आत्मविश्वास के लिए बड़ा बूस्ट है।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

Asian Champions Trophy 2026 किसने जीती?

भारत ने फाइनल में जापान को 4-1 से हराकर खिताब जीता।

भारत ने कितनी बार Asian Champions Trophy जीती है?

2026 की जीत के साथ भारत छह बार यह खिताब जीत चुका है, जो रिकॉर्ड है।

फाइनल में भारत के लिए गोल किसने किए?

Shilanand Lakra, Dilpreet Singh, Jugraj Singh और Vivek Sagar Prasad ने एक-एक गोल किया।

स्रोत: Outlook India, Deccan Chronicle, Khel Now

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