टू-व्हीलर बनाने वाली दिग्गज कंपनी TVS Motor के लिए जुलाई से सितंबर की तिमाही बेहद शानदार रही। कंपनी ने अपने अब तक के सबसे बेहतर दूसरे क्वार्टर के नतीजे पेश किए हैं। और साथ ही एक बड़ा फैसला भी लिया है, कंपनी अपने कंज़्यूमर फाइनेंस बिज़नेस को अलग करने जा रही है। आइए एक-एक करके समझते हैं।
कमाई में ज़बरदस्त उछाल
Q2 FY27 में TVS Motor का रेवेन्यू 17,103 करोड़ रुपये पहुंच गया। पिछले साल की इसी तिमाही के मुकाबले ये करीब 44 प्रतिशत ज़्यादा है। मुनाफे के मोर्चे पर भी कंपनी ने कमाल किया, और उसका नेट प्रॉफिट करीब 50 प्रतिशत से ज़्यादा बढ़ गया।
इन नतीजों के पीछे सबसे बड़ी वजह है गाड़ियों की रिकॉर्ड बिक्री। इस तिमाही में कंपनी ने कुल करीब 19 लाख टू-व्हीलर और थ्री-व्हीलर बेचे, जो पिछले साल से 27 प्रतिशत ज़्यादा है।
स्कूटर और मोटरसाइकिल, दोनों दौड़े
अगर अलग-अलग देखें तो मोटरसाइकिल की बिक्री करीब 9 लाख यूनिट रही, जिसमें 28 प्रतिशत की बढ़त है। स्कूटर भी पीछे नहीं रहे और करीब 8 लाख यूनिट बिके, यानी 29 प्रतिशत की ग्रोथ। विदेशों में कंपनी ने करीब 5 लाख गाड़ियां बेचीं, जो 35 प्रतिशत ज़्यादा है।
थ्री-व्हीलर सेगमेंट में भी 78,475 यूनिट की बिक्री हुई, जिसमें 47 प्रतिशत का उछाल है।
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EV की बिक्री दोगुनी से ज़्यादा
सबसे बड़ी बात ये है कि इलेक्ट्रिक गाड़ियों की डिमांड तेज़ी से बढ़ रही है। इस तिमाही में TVS ने 1,86,186 इलेक्ट्रिक गाड़ियां बेचीं। पिछले साल इसी दौरान ये आंकड़ा करीब 80 हज़ार था। यानी EV बिक्री में 133 प्रतिशत की छलांग लगी है। साफ है कि लोग अब तेज़ी से इलेक्ट्रिक स्कूटर की तरफ शिफ्ट हो रहे हैं।
फाइनेंस बिज़नेस का डीमर्जर क्या है?
अब बात उस फैसले की, जिसकी सबसे ज़्यादा चर्चा है। TVS Motor के बोर्ड ने कंपनी के कंज़्यूमर फाइनेंस, लीज़िंग, इन्वेस्टमेंट और इससे जुड़े बिज़नेस को अलग करने की योजना को हरी झंडी दे दी है। ये पूरा बिज़नेस Harita ARC Limited नाम की एक अलग कंपनी में जाएगा।
आम शेयरहोल्डर के लिए इसका मतलब समझिए। जिसके पास TVS Motor का एक शेयर है, उसे नई कंपनी का भी एक शेयर मिलेगा। यानी 1:1 का रेशियो। इस तरह निवेशकों के पास दोनों कंपनियों में हिस्सेदारी रहेगी।
कंपनियां अक्सर ऐसा इसलिए करती हैं ताकि हर बिज़नेस पर अलग से फोकस हो सके और निवेशक दोनों की वैल्यू को साफ-साफ समझ सकें। हालांकि ये प्रक्रिया अभी शुरुआती दौर में है। इसके लिए शेयरहोल्डर्स और रेगुलेटर्स की मंज़ूरी लेनी होगी, इसलिए इसमें कुछ वक्त लग सकता है।
आगे क्या?
त्योहारी सीज़न में टू-व्हीलर की डिमांड आमतौर पर और बढ़ती है। ऐसे में अगली तिमाही में भी कंपनी से अच्छे नंबर्स की उम्मीद की जा रही है। फिलहाल इतना साफ है कि पेट्रोल हो या इलेक्ट्रिक, TVS की गाड़ियां सड़कों पर तेज़ी से बढ़ रही हैं।
(नोट: ये खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, इसे निवेश की सलाह न समझें।)




