प्रदूषण में कौन-सा मास्क लें? N95, N99 या सर्जिकल, पूरी गाइड

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स्मॉग वाले शहर के सामने सफेद N95 मास्क का ग्राफिक, प्रदूषण में कौन-सा मास्क लें गाइड

दिल्ली-NCR समेत उत्तर भारत में हवा ‘बहुत खराब’ होते ही सबसे आम सवाल यही होता है कि प्रदूषण में कौन-सा मास्क लें। सीधा जवाब: PM2.5 जैसे बारीक कणों से बचने के लिए ठीक से फिट होने वाला N95 या N99 रेस्पिरेटर चाहिए, सर्जिकल या कपड़े वाला मास्क इस काम के लिए काफी नहीं है।

मुख्य बातें

  • N95 कम से कम 95% और N99 करीब 99% बेहद बारीक कणों (0.3 माइक्रॉन तक) को रोकता है।
  • सर्जिकल और कपड़े के मास्क PM2.5 से फेफड़ों को नहीं बचाते।
  • फिट सबसे अहम है: नाक, मुंह और ठुड्डी पूरी ढकी हो, किनारों से हवा न घुसे।
  • NIOSH (अमेरिका) या EN 149 FFP2/FFP3 (यूरोप) जैसा सर्टिफिकेशन देखकर खरीदें।

N95, N99, FFP2: इन नामों का मतलब क्या है?

मास्क के नाम में लिखा नंबर उसकी फिल्टर करने की ताकत बताता है। N95 का मतलब है कि ये कम से कम 95% बहुत छोटे कणों को रोकता है, और N99 करीब 99% को। ये टेस्ट 0.3 माइक्रॉन जितने बारीक कणों पर होता है। तुलना के लिए, PM2.5 वो कण हैं जो 2.5 माइक्रॉन या उससे छोटे होते हैं, यानी इंसानी बाल से कई गुना पतले।

N95/N99 अमेरिकी एजेंसी NIOSH के स्टैंडर्ड हैं। यूरोप में यही काम EN 149 स्टैंडर्ड के FFP2 (मीडियम) और FFP3 (हाई) करते हैं। 3M की एक गाइड के मुताबिक N95 को मोटे तौर पर FFP2 के बराबर माना जाता है। बाज़ार में KN95 जैसे दूसरे देशों के स्टैंडर्ड वाले मास्क भी मिलते हैं, पर जो भी लें, उस पर सर्टिफिकेशन साफ लिखा होना चाहिए।

सर्जिकल और कपड़े का मास्क क्यों नहीं चलेगा?

सर्जिकल मास्क असल में इसलिए बना है कि पहनने वाले की छींक-खांसी की बड़ी बूंदें बाहर न जाएं। ये चेहरे पर ढीला बैठता है और इसकी कोई रेस्पिरेटरी फिल्ट्रेशन रेटिंग नहीं होती। यही बात कपड़े के मास्क पर लागू होती है। धूल के बड़े कण तो रुक जाते हैं, लेकिन PM2.5 जैसे बारीक कण किनारों और कपड़े से होकर आराम से अंदर चले जाते हैं।

फिट का हिसाब: 95% फिल्टर भी कब बेकार हो जाता है

सबसे बड़ी गलती यही होती है कि लोग अच्छा मास्क खरीद लेते हैं पर उसे ढीला पहनते हैं। एक मोटा-मोटा हिसाब देखिए। मान लीजिए बाहर PM2.5 का स्तर 200 है। अगर सारी हवा फिल्टर से होकर जाए, तो N95 इसे करीब 10 तक ला देगा। लेकिन अगर 20% हवा किनारों से सीधे अंदर आ रही है, तो अंदर पहुंचने वाली मात्रा करीब 48 हो जाएगी, यानी करीब पांच गुना ज़्यादा। ये सिर्फ समझाने वाला उदाहरण है, पर बात साफ है: फिल्टर से ज़्यादा फिट मायने रखता है।

The Wire की एक रिपोर्ट में 2018 की एक स्टडी का ज़िक्र है, जिसमें मास्क के किनारों से लीकेज बैठे रहने पर 3% से 68% तक पाई गई। चलने-बोलने पर फिट और ढीला हो जाता है। दाढ़ी वाले लोगों में भी मास्क पूरी तरह सील नहीं हो पाता।

  • दो इलास्टिक स्ट्रैप (सिर के पीछे) वाले मास्क कान वाले लूप से बेहतर फिट देते हैं।
  • नाक पर लगी मेटल क्लिप को दोनों उंगलियों से दबाकर नाक के आकार में ढालें।
  • पहनकर ज़ोर से सांस छोड़ें; अगर किनारों या चश्मे पर हवा महसूस हो, तो मास्क एडजस्ट करें।
  • बच्चों के लिए खास छोटे साइज़ वाला मास्क ही लें, बड़ों वाला उनके चेहरे पर फिट नहीं होगा।

खरीदते वक्त क्या देखें: वाल्व, फिल्टर और बदलने का समय

वाल्व वाला या बिना वाल्व? सांस छोड़ने वाले वाल्व से मास्क के अंदर गर्मी और नमी कम होती है, चश्मा कम धुंधला होता है। रोज़ बाइक चलाने या पैदल चलने वालों के लिए ये आराम की बात है।

N95 या N99? रोज़ाना ऑफिस आने-जाने के लिए अच्छी फिटिंग वाला N95 ज़्यादातर लोगों के लिए ठीक है। N99 थोड़ा ज़्यादा रोकता है, पर उसमें सांस लेने में ज़्यादा ज़ोर लग सकता है।

कब बदलें? फिल्टर में फंसे कण निकलते नहीं, इसलिए लंबे इस्तेमाल के बाद असर घटता है। डिस्पोज़ेबल मास्क कुछ इस्तेमाल के बाद बदल दें। अगर मास्क गंदा, गीला, ढीला या फटा दिखे, या सांस लेने में ज़्यादा ज़ोर लगे, तो तुरंत नया लें। धोने से फिल्टर खराब हो जाता है।

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Tazanews की राय

मास्क एक ज़रूरी बचाव है, इलाज नहीं। सबसे ज़्यादा फायदा तब है जब आप इसे बाहर निकलते वक्त सही तरीके से पहनें और जिन दिनों AQI 300 से ऊपर हो, उन दिनों सुबह की सैर या बाहर की कसरत टाल दें। महंगा मास्क लेने से पहले ये देखें कि वो आपके चेहरे पर ठीक बैठता है या नहीं; ढीला महंगा मास्क, अच्छी फिटिंग वाले सस्ते सर्टिफाइड मास्क से कम काम का है।

अगर आपको दिल या फेफड़ों से जुड़ी कोई बीमारी है, सांस फूलती है, आप गर्भवती हैं या बच्चे के लिए मास्क ले रहे हैं, तो लंबे समय तक रेस्पिरेटर पहनने से पहले डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

प्रदूषण के लिए सबसे अच्छा मास्क कौन-सा है?

NIOSH सर्टिफाइड N95/N99 या EN 149 FFP2/FFP3 रेस्पिरेटर, जो आपके चेहरे पर बिना गैप के फिट हो। फिट सही न हो तो किसी भी मास्क का असर काफी घट जाता है।

क्या N95 मास्क धोकर दोबारा पहन सकते हैं?

नहीं, धोने से फिल्टर खराब हो जाता है। डिस्पोज़ेबल N95 कुछ बार पहनकर बदल दें; रीयूज़ेबल मास्क में सिर्फ उसका फिल्टर बदला जाता है।

क्या सर्जिकल मास्क प्रदूषण से बचाता है?

बड़े धूल-कणों से थोड़ा बचाव होता है, पर PM2.5 जैसे बारीक कणों से सर्जिकल या कपड़े का मास्क फेफड़ों को नहीं बचाता।

स्रोत: The Wire Science, Medanta, 3M (IFRC PrepareCenter)

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