एयर प्यूरीफायर कैसे चुनें? CADR, HEPA और फिल्टर खर्च की पूरी गाइड

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एयर प्यूरीफायर बायिंग गाइड का ग्राफिक, सफेद प्यूरीफायर से निकलती साफ हवा

एयर प्यूरीफायर खरीदने से पहले सबसे ज़रूरी चीज़ ब्रांड नहीं, बल्कि दो नंबर हैं: आपके कमरे का साइज़ और प्यूरीफायर का CADR। सर्दियां शुरू होते ही उत्तर भारत में हवा फिर बिगड़ने लगी है, और ऐसे में बहुत से लोग जल्दबाज़ी में गलत साइज़ का मशीन ले आते हैं जो कमरे की हवा साफ ही नहीं कर पाता। इस गाइड में आसान हिसाब से समझिए कि आपके घर के लिए कौन-सा एयर प्यूरीफायर सही रहेगा।

मुख्य बातें

  • 300 वर्ग फुट के बेडरूम के लिए कम से कम 200 m³/h CADR वाला मॉडल देखें
  • “True HEPA” फिल्टर ही लें, “HEPA-type” या “HEPA-like” से बचें
  • फिल्टर हर 6–12 महीने में बदलना पड़ता है, खर्च ₹1,500 से ₹6,000 तक
  • स्लीप मोड में आवाज़ 35 dB से कम हो तो रात में दिक्कत नहीं होती

पहला कदम: कमरा नापिए, फिर CADR देखिए

CADR यानी Clean Air Delivery Rate बताता है कि मशीन एक घंटे में कितनी साफ हवा कमरे में फेंक सकती है। ये जितना ज़्यादा होगा, कमरा उतनी जल्दी साफ होगा। हर प्यूरीफायर के डिब्बे पर ये भी लिखा होता है कि वो कितने वर्ग फुट के लिए है।

कमरे का साइज़ निकालना आसान है: लंबाई × चौड़ाई (फुट में)। 12×12 फुट का कमरा 144 वर्ग फुट, और 15×20 फुट का हॉल 300 वर्ग फुट होगा। एक्सपर्ट गाइड्स के मुताबिक 300 वर्ग फुट के बेडरूम के लिए कम से कम 200 m³/h CADR चाहिए, और 200 वर्ग फुट से छोटे कमरे के लिए 100–200 m³/h काफी है।

आसान हिसाब: 200 CADR असल में कितना काम करता है?

300 वर्ग फुट का कमरा, 9 फुट ऊंची छत के साथ, करीब 2,700 क्यूबिक फुट यानी लगभग 76 क्यूबिक मीटर हवा रखता है। 200 m³/h CADR वाली मशीन इस हिसाब से एक घंटे में कमरे की पूरी हवा करीब ढाई बार फिल्टर कर देगी। अगर आप दिल्ली-NCR जैसे शहर में हैं जहां AQI 400 के पार चला जाता है, तो इससे ज़्यादा CADR वाला मॉडल लेना समझदारी है। कम प्रदूषण वाले शहरों में मिड-रेंज मॉडल भी काम चला देता है।

एक आम गलती: छोटे कमरे वाला प्यूरीफायर बड़े हॉल या खुले किचन में रख देना। मशीन चलती रहेगी, बिजली भी खाएगी, लेकिन हवा उतनी साफ नहीं होगी। बड़ा कमरा है तो या तो बड़ा मॉडल लें, या प्यूरीफायर बेडरूम में रखें जहां आप सबसे ज़्यादा समय बिताते हैं।

फिल्टर: True HEPA ही क्यों

True HEPA फिल्टर 0.3 माइक्रॉन तक के 99.97% कणों को रोकने का स्टैंडर्ड पूरा करता है। यही वो बारीक कण हैं जिनमें PM2.5, धूल के कण (डस्ट माइट), पराग (पोलन) शामिल हैं। बाज़ार में कई सस्ते मॉडल “HEPA-type” या “HEPA-like” लिखकर बिकते हैं, ये इस स्टैंडर्ड पर खरे नहीं उतरते। कई ब्रांड H13 ग्रेड का True HEPA लिखते हैं, खरीदते वक्त ये शब्द ज़रूर देखें।

ज़्यादातर अच्छे मॉडल में HEPA के साथ एक प्री-फिल्टर (बड़े धूल-बाल के लिए) और एक्टिवेटेड कार्बन फिल्टर (गंध के लिए) भी आता है। प्री-फिल्टर अक्सर धोया जा सकता है, जिससे HEPA की लाइफ बढ़ती है।

असली खर्च: मशीन के बाद फिल्टर और बिजली

प्यूरीफायर की कीमत तो एक बार की है, लेकिन फिल्टर बदलने का खर्च हर साल आता है। आमतौर पर फिल्टर 6 से 12 महीने चलता है और ओरिजिनल फिल्टर की कीमत मॉडल के हिसाब से ₹1,500 से ₹6,000 तक होती है। यानी महीने का औसत खर्च ₹125 से लेकर ₹1,000 तक बैठ सकता है। ज़्यादा प्रदूषण वाले शहर में फिल्टर जल्दी भरता है, तो बदलना भी जल्दी पड़ेगा।

बिजली का अंदाज़ा खुद लगा सकते हैं। मान लीजिए कोई मॉडल 50 वॉट का है और रोज़ 10 घंटे चलता है, तो दिन में 0.5 यूनिट और महीने में करीब 15 यूनिट बिजली लगेगी। ₹8 प्रति यूनिट के हिसाब से ये लगभग ₹120 महीना हुआ। अपने मॉडल का वॉटेज और अपने बिजली रेट से यही फॉर्मूला लगाइए।

खरीदने से पहले की चेकलिस्ट

  • CADR और कवरेज: आपके कमरे के वर्ग फुट से बराबर या ज़्यादा।
  • फिल्टर: True HEPA (H13 लिखा हो तो बेहतर), साथ में प्री-फिल्टर।
  • आवाज़: हाई मोड में 50 dB से कम, स्लीप मोड में 35 dB से कम।
  • PM2.5 सेंसर: हवा के हिसाब से अपने आप स्पीड बदलता है, बिजली भी बचती है।
  • फिल्टर की उपलब्धता: रिप्लेसमेंट फिल्टर की कीमत और आसानी से मिलना पहले ही चेक कर लें।

(इस लिंक से खरीदारी करने पर Tazanews को कमीशन मिल सकता है, आपकी कीमत पर कोई असर नहीं पड़ता।)

Tazanews की राय

सबसे महंगा मॉडल लेना ज़रूरी नहीं। सही साइज़ का, True HEPA वाला और सस्ते में फिल्टर मिलने वाला प्यूरीफायर ज़्यादा काम का साबित होता है। मशीन चलाते वक्त खिड़की-दरवाज़े बंद रखें, वरना बाहर की हवा लगातार अंदर आती रहेगी। और याद रखें, प्यूरीफायर घर के अंदर की हवा सुधारता है, बाहर निकलते वक्त अच्छा मास्क अब भी ज़रूरी है। अगर घर में किसी को सांस, अस्थमा या एलर्जी की दिक्कत है तो डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।

अक्सर पूछे जाने वाले सवाल

बेडरूम के लिए कितना CADR चाहिए?

करीब 300 वर्ग फुट के बेडरूम के लिए कम से कम 200 m³/h CADR, और 200 वर्ग फुट से छोटे कमरे के लिए 100–200 m³/h ठीक रहता है।

एयर प्यूरीफायर का फिल्टर कब बदलें?

आमतौर पर हर 6 से 12 महीने में। ज़्यादा प्रदूषण वाले शहरों में जल्दी बदलना पड़ सकता है, मशीन का फिल्टर इंडिकेटर भी देखते रहें।

क्या पूरी रात एयर प्यूरीफायर चला सकते हैं?

हां, इसी के लिए स्लीप मोड होता है। ऐसा मॉडल चुनें जिसकी स्लीप मोड आवाज़ 35 dB से कम हो।

स्रोत: Digit, Eureka Forbes

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