छठ पूजा 2026 इस बार 13 नवंबर (शुक्रवार) को नहाय-खाय से शुरू होकर 16 नवंबर (सोमवार) को उषा अर्घ्य के साथ पूरी होगी। सबसे अहम दिन रविवार, 15 नवंबर रहेगा, जब व्रती डूबते सूरज को संध्या अर्घ्य देंगे। बिहार, झारखंड, पूर्वी UP से लेकर दिल्ली-मुंबई तक लाखों परिवार अभी से तैयारी और घर लौटने के प्लान में जुटे हैं, इसलिए यहां पूरा कैलेंडर और शहरवार अर्घ्य का समय एक जगह दिया गया है।
मुख्य बातें
- नहाय-खाय 13 नवंबर, खरना 14 नवंबर
- संध्या अर्घ्य रविवार 15 नवंबर, उषा अर्घ्य सोमवार 16 नवंबर
- पटना में संध्या अर्घ्य का समय लगभग शाम 5:01 बजे, दिल्ली में 5:28 बजे
- खरना के बाद व्रती करीब 36 घंटे का निर्जला व्रत रखते हैं
छठ पूजा 2026 का पूरा कैलेंडर
| दिन | तारीख | क्या होता है |
|---|---|---|
| पहला दिन: नहाय-खाय | शुक्रवार, 13 नवंबर | स्नान, घर की सफाई, लौकी-भात का सादा खाना |
| दूसरा दिन: खरना (लोहंडा) | शनिवार, 14 नवंबर | दिन भर व्रत, शाम को गुड़ की खीर (रसियाव) और रोटी |
| तीसरा दिन: संध्या अर्घ्य | रविवार, 15 नवंबर | पानी में खड़े होकर डूबते सूरज को अर्घ्य |
| चौथा दिन: उषा अर्घ्य | सोमवार, 16 नवंबर | उगते सूरज को अर्घ्य, फिर पारण |
पंचांग के मुताबिक षष्ठी तिथि शनिवार 14 नवंबर की रात करीब 11:23 बजे शुरू होकर सोमवार 16 नवंबर की रात करीब 2 बजे तक रहेगी। रविवार की शाम सूर्यास्त के वक्त षष्ठी तिथि होने की वजह से ही संध्या अर्घ्य 15 नवंबर को है।
शहरवार अर्घ्य का समय
अर्घ्य का समय सूर्यास्त और सूर्योदय से जुड़ा है, इसलिए हर शहर में ये थोड़ा अलग होता है। पंचांग वेबसाइट्स के मुताबिक अनुमानित समय ये है:
| शहर | संध्या अर्घ्य (15 नवंबर) | उषा अर्घ्य (16 नवंबर) |
|---|---|---|
| पटना | शाम 5:01 | सुबह 6:07 |
| रांची | शाम 5:04 | सुबह 6:03 |
| वाराणसी | शाम 5:10 | सुबह 6:16 |
| लखनऊ | शाम 5:16 | सुबह 6:26 |
| दिल्ली | शाम 5:28 | सुबह 6:44 |
| कोलकाता | शाम 4:53 | सुबह 5:50 |
गौर करने वाली बात: कोलकाता और दिल्ली के सूर्यास्त में करीब 35 मिनट का फर्क है। यानी दिल्ली में रहने वाला परिवार अगर पटना वाले रिश्तेदारों के साथ वीडियो कॉल पर अर्घ्य देखना चाहे, तो पटना का अर्घ्य दिल्ली से लगभग आधा घंटा पहले होगा। नदी किनारे या ऊंची इमारतों के बीच असली समय कुछ मिनट आगे-पीछे हो सकता है, इसलिए घाट पर सूर्यास्त से 30–45 मिनट पहले पहुंचना बेहतर है।
प्रसाद और पूजा की तैयारी
छठ का प्रसाद आमतौर पर मिट्टी के चूल्हे पर आम की लकड़ी से बनाया जाता है। सबसे खास है ठेकुआ, जो गेहूं के आटे, गुड़ और घी से बनता है। इसके अलावा सूप या दउरा में गन्ना, नारियल और मौसमी फल सजाए जाते हैं। कुछ श्रद्धालु घर से घाट तक दंडवत प्रणाम करते हुए भी जाते हैं।
अगर आप पहली बार घर पर छठ की तैयारी में हाथ बंटा रहे हैं, तो एक छोटी लिस्ट पहले बना लें: सूप/दउरा, गन्ना, नारियल, केला और दूसरे मौसमी फल, गुड़, गेहूं का आटा, घी, दीये और अर्घ्य के लिए लोटा। आखिरी दिन बाज़ार में भीड़ और दाम दोनों बढ़ जाते हैं, इसलिए सूखा सामान खरना से दो-तीन दिन पहले खरीद लेना समझदारी है।
आपके लिए इसका मतलब
इस बार संध्या अर्घ्य रविवार को और उषा अर्घ्य सोमवार सुबह है। नौकरीपेशा लोगों के लिए इसका मतलब है कि अगर आप घर जा रहे हैं, तो शुक्रवार से सोमवार तक की छुट्टी का प्लान बनाना होगा, या कम से कम सोमवार की सुबह की छुट्टी पहले से मांग लें। ट्रेन और बस की बुकिंग में इस सीज़न में हर साल भारी भीड़ रहती है, इसलिए टिकट जितनी जल्दी हो सके कन्फर्म कर लें।
नवंबर के बीच में सुबह-शाम ठंडक बढ़ने लगती है। उषा अर्घ्य के लिए व्रती भोर में पानी में खड़े होते हैं, इसलिए घाट पर गर्म कपड़ा, सूखा तौलिया और बुज़ुर्ग व्रतियों के लिए बैठने का इंतज़ाम साथ रखें। बच्चों को गहरे पानी से दूर रखें और भीड़ वाले घाट पर प्रशासन के निर्देश मानें।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
छठ पूजा 2026 में खरना कब है?
खरना शनिवार, 14 नवंबर 2026 को है। इसी शाम प्रसाद ग्रहण करने के बाद 36 घंटे का निर्जला व्रत शुरू होता है।
छठ का संध्या अर्घ्य किस दिन है?
संध्या अर्घ्य रविवार, 15 नवंबर को है। पटना में सूर्यास्त लगभग शाम 5:01 बजे होगा।
उषा अर्घ्य और पारण कब होगा?
सोमवार, 16 नवंबर की सुबह उगते सूरज को अर्घ्य देने के बाद व्रती पारण करके व्रत खोलेंगे।
स्रोत: Shubh Panchang, Hindu Tone, SmartPuja




