एक तरफ भारतीय बाज़ार में दिवाली वाली रौनक थी, तो दूसरी तरफ दक्षिण कोरिया का शेयर बाज़ार बुरी तरह हिल गया। मंगलवार, 3 नवंबर को कोरिया का मेन इंडेक्स KOSPI 3.5% से ज़्यादा टूट गया। सबसे बड़ी मार चिप बनाने वाली दिग्गज कंपनियों Samsung Electronics और SK Hynix पर पड़ी, जिनके शेयर 4 से 5% तक लुढ़क गए।
मुख्य बातें
- KOSPI में 3.5% से ज़्यादा की गिरावट, इंडेक्स 5,700 के नीचे फिसला
- Samsung Electronics करीब 4% और SK Hynix करीब 5% टूटे
- वजह: AI पर भारी खर्च से मुनाफा होगा या नहीं, इस पर फिर से शक
- Oracle के करीब $20 अरब जुटाने के प्लान ने चिंता बढ़ाई
क्या हुआ कोरियाई बाज़ार में
बाज़ार खुलते ही KOSPI करीब 2.5% नीचे आ गया था और दिन भर दबाव बढ़ता ही गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक SK Hynix का शेयर 14 लाख वॉन के अहम स्तर से नीचे फिसल गया। Samsung Electro-Mechanics और SK ग्रुप की होल्डिंग कंपनी SK Square भी 5% से ज़्यादा टूटे।
विदेशी और संस्थागत निवेशकों ने जमकर बिकवाली की, जबकि छोटे निवेशक गिरावट में खरीदारी करते दिखे। लेकिन उनकी खरीद बाज़ार को संभालने के लिए काफी नहीं रही।
Oracle की $20 अरब वाली खबर से क्यों घबराए निवेशक
इस गिरावट की जड़ अमेरिका में है। सोमवार रात अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली हुई और Nasdaq करीब 1.1% गिरा। रिपोर्ट्स के मुताबिक क्लाउड कंपनी Oracle ने AI डेटा सेंटर फैलाने के लिए शेयर और बॉन्ड के ज़रिए करीब 20 अरब डॉलर जुटाने की योजना बताई।
निवेशकों को इसमें एक सवाल दिखा: अगर बड़ी कंपनियों को AI खर्च के लिए इतना पैसा उधार लेना पड़ रहा है, तो क्या इस खर्च से उतनी कमाई सच में होगी? यही शक मेमोरी चिप बनाने वाली कोरियाई कंपनियों तक पहुंच गया, क्योंकि AI सर्वरों की मांग से सबसे ज़्यादा फायदा इन्हीं को मिल रहा था।
कोरिया के लिए चिप कंपनियां इतनी अहम क्यों
Samsung और SK Hynix दुनिया की सबसे बड़ी मेमोरी चिप कंपनियों में गिनी जाती हैं। AI चिप्स के साथ लगने वाली हाई-स्पीड मेमोरी की मांग ने पिछले कुछ समय से इनके शेयरों को काफी ऊपर पहुंचाया था। KOSPI में इन दोनों का वज़न भी बहुत ज़्यादा है, इसलिए जब ये गिरते हैं तो पूरा बाज़ार नीचे आ जाता है।
सीधे शब्दों में कहें तो जो कंपनियां AI की उम्मीद पर सबसे तेज़ी से चढ़ीं, वही शक की हल्की सी खबर पर सबसे तेज़ी से गिरती भी हैं। इसे बाज़ार की भाषा में हाई वैल्यूएशन का जोखिम कहते हैं।
भारत पर असर क्यों नहीं दिखा
दिलचस्प यह रहा कि जिस दिन कोरिया टूटा, उसी दिन भारत का Sensex 1,225 अंक चढ़ गया। Nifty IT इंडेक्स भी मामूली बढ़त के साथ बंद हुआ। इसकी एक वजह यह है कि भारतीय बाज़ार में चिप बनाने वाली कंपनियों का वज़न बहुत कम है। यहां बैंक, FMCG, ऑटो और IT सर्विस कंपनियां बाज़ार की दिशा तय करती हैं।
आपके लिए इसका मतलब
अगर आपने इंटरनेशनल फंड या विदेशी टेक शेयरों में पैसा लगाया है, तो ऐसे उतार-चढ़ाव के लिए तैयार रहना होगा। AI की कहानी खत्म नहीं हुई है, पर बाज़ार अब यह देखना चाहता है कि खर्च के बदले कमाई कब आएगी।
Tazanews की राय: एक दिन की गिरावट को बुलबुला फटने का संकेत मानना जल्दबाज़ी होगी, लेकिन यह याद दिलाने के लिए काफी है कि किसी एक थीम पर पूरा पैसा लगाना जोखिम भरा है। अलग-अलग सेक्टर और देशों में बंटा निवेश ऐसे झटकों को काफी हद तक संभाल लेता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
KOSPI क्या है?
KOSPI दक्षिण कोरिया का मुख्य शेयर बाज़ार इंडेक्स है, जैसे भारत में Sensex और Nifty हैं।
Samsung और SK Hynix के शेयर क्यों गिरे?
AI पर भारी खर्च से कमाई होगी या नहीं, इस शक और अमेरिकी टेक शेयरों में गिरावट के बाद इन मेमोरी चिप कंपनियों में बिकवाली हुई।
क्या इसका असर भारतीय बाज़ार पर पड़ा?
3 नवंबर को नहीं। उस दिन Sensex 1,225 अंक और Nifty 370 अंक चढ़कर बंद हुए।
(नोट: ये खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, इसे निवेश की सलाह न समझें।)
स्रोत: Seoul Economic Daily, Altcoin Buzz, Upstox




