Mohammed Shami ने टेस्ट क्रिकेट से संन्यास का ऐलान कर दिया है। भारत के इस तेज़ गेंदबाज़ ने शुक्रवार, 6 नवंबर की रात सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए बताया कि वो अब लाल गेंद से भारत के लिए नहीं खेलेंगे। 64 टेस्ट में 229 विकेट के साथ उनका टेस्ट करियर खत्म हुआ।
राहत की बात ये है कि Shami पूरी तरह क्रिकेट नहीं छोड़ रहे। रिपोर्ट्स के मुताबिक वो व्हाइट-बॉल क्रिकेट, IPL और घरेलू क्रिकेट खेलते रहेंगे।
मुख्य बातें
- Mohammed Shami ने 6 नवंबर को टेस्ट क्रिकेट से रिटायरमेंट का ऐलान किया
- 64 टेस्ट में 229 विकेट, आखिरी टेस्ट 2023 का WTC फाइनल
- व्हाइट-बॉल क्रिकेट, IPL और घरेलू क्रिकेट खेलते रहेंगे
- Ravi Shastri ने कहा, Shami को पिछले 12 महीनों में मौका मिलना चाहिए था
13 साल का सफर: नंबरों में Shami का टेस्ट करियर
दिलचस्प संयोग ये है कि Shami ने 6 नवंबर 2013 को कोलकाता के Eden Gardens में वेस्टइंडीज़ के खिलाफ टेस्ट डेब्यू किया था, और ठीक 13 साल बाद उसी तारीख को उन्होंने टेस्ट को अलविदा कहा। करीब एक दशक तक वो भारतीय पेस अटैक की रीढ़ रहे, खासकर विदेशी पिचों पर, जहां उनकी सीधी सीम वाली गेंदबाज़ी बल्लेबाज़ों के लिए सिरदर्द बनती थी।
- टेस्ट मैच: 64
- विकेट: 229
- गेंदबाज़ी औसत: 27.71, पारी में 5 विकेट: 6 बार
- औसतन हर टेस्ट में: करीब 3.6 विकेट (229 ÷ 64)
- आखिरी टेस्ट: 2023 वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल, ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ
एक दिलचस्प तुलना: 229 विकेट के साथ Shami, दिग्गज Javagal Srinath (236 टेस्ट विकेट) से सिर्फ 7 विकेट पीछे रह गए। टेस्ट में भारत के तेज़ गेंदबाज़ों में वो छठे सबसे ज़्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज़ हैं। अगर पिछले दो-तीन साल में उन्हें कुछ और टेस्ट मिलते, तो ये आंकड़ा आसानी से पार हो सकता था।
तीन साल से ज़्यादा टेस्ट टीम से बाहर, फिर ये फैसला
Shami ने आखिरी टेस्ट जून 2023 में WTC फाइनल में खेला था। उसके बाद चोट, सर्जरी और फिटनेस की वजह से वो लंबे समय तक बाहर रहे। वापसी के बाद भी टेस्ट टीम में उनकी जगह नहीं बन पाई और सेलेक्टर्स ने युवा तेज़ गेंदबाज़ों पर भरोसा जताया।
36 साल के Shami ने उत्तर प्रदेश के अमरोहा स्थित अपने फार्महाउस से वीडियो मैसेज में कहा कि वो घरेलू क्रिकेट और IPL में व्हाइट-बॉल क्रिकेट खेलते रहेंगे। रिपोर्ट्स के मुताबिक 14 नवंबर से शुरू हो रही Syed Mushtaq Ali Trophy के लिए बंगाल टीम में भी उनका नाम है। BCCI ने भी सोशल मीडिया पर उनके योगदान के लिए शुक्रिया अदा किया।
Ravi Shastri निराश: “उन्हें मौका मिलना चाहिए था”
पूर्व हेड कोच Ravi Shastri ने Shami के संन्यास पर निराशा जताई। उनका कहना है कि Shami को पिछले 12 महीनों में टेस्ट खेलने का मौका मिलना चाहिए था और उनमें अभी भी टेस्ट विकेट बाकी थे। Shastri के मुताबिक जिम की फिटनेस और मैच में 10-12 ओवर डालना दो अलग चीज़ें हैं, असली टेस्ट मैदान पर होता है। Shastri के कोच रहते ही Shami, Bumrah, Ishant और Umesh की चौकड़ी ने विदेश में भारत को कई यादगार जीत दिलाई थीं।
Shastri की बात में दम इसलिए भी है क्योंकि Shami घरेलू क्रिकेट और व्हाइट-बॉल में लगातार खेलते रहे। ऐसे में ये सवाल उठना स्वाभाविक है कि क्या उन्हें एक आखिरी टेस्ट सीरीज़ देकर विदाई दी जा सकती थी।
Tazanews की राय
Shami का टेस्ट करियर उस दौर की कहानी है जब भारत ने तेज़ गेंदबाज़ी के दम पर विदेश में लगातार टेस्ट जीतने शुरू किए। 229 विकेट का आंकड़ा भले ही 300 तक न पहुंचा हो, लेकिन उनकी असली पहचान विकेटों से ज़्यादा उन मौकों से है जब उन्होंने मुश्किल पिचों पर मैच पलटे। अब फैंस की नज़र इस पर रहेगी कि वनडे और IPL में वो कितनी लंबी पारी खेलते हैं।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Mohammed Shami ने टेस्ट में कितने विकेट लिए?
Shami ने 64 टेस्ट मैचों में 229 विकेट लिए।
क्या Shami ने वनडे और IPL से भी संन्यास लिया है?
नहीं, उन्होंने सिर्फ टेस्ट क्रिकेट छोड़ा है। वो व्हाइट-बॉल क्रिकेट और IPL में खेलना जारी रखेंगे।
Shami का आखिरी टेस्ट कौन-सा था?
उनका आखिरी टेस्ट जून 2023 में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ वर्ल्ड टेस्ट चैंपियनशिप फाइनल था।
स्रोत: CricTracker, Avenue Mail, Yahoo Sports




