शेयर बाजार में गुरुवार, 5 नवंबर को जबरदस्त तेज़ी देखने को मिली। Sensex 2,008.61 अंक यानी 2.60% उछलकर 79,310.01 पर बंद हुआ, जबकि Nifty 576 अंक (2.40%) चढ़कर 24,536.60 पर पहुंच गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, एक ही दिन में निवेशकों की संपत्ति में करीब ₹7 लाख करोड़ का इज़ाफा हुआ।
मुख्य बातें
- Sensex 2,009 अंक चढ़कर 79,310 पर, Nifty 24,537 पर बंद
- लगातार छठे दिन तेज़ी, 6 सेशन में दोनों इंडेक्स 8% से ज़्यादा ऊपर
- Nifty Auto करीब 4% चढ़ा; M&M के Q2 मुनाफे में 25% बढ़त
- कच्चे तेल में भारी गिरावट और विदेशी निवेशकों की खरीदारी से बना माहौल
आज बाजार में क्या हुआ
सुबह से ही बाजार में खरीदारी का माहौल था। ओपनिंग में ही Sensex करीब 1,400 अंक ऊपर खुला और दिन बढ़ने के साथ बढ़त 2,000 अंक के पार चली गई। यह लगातार छठा सेशन रहा जब बाजार हरे निशान में बंद हुआ। इन छह दिनों में Sensex और Nifty दोनों 8% से ज़्यादा चढ़ चुके हैं, जो पिछले एक साल की सबसे लंबी तेज़ी वाली स्ट्रीक है।
बड़े शेयरों के साथ छोटे-मझोले शेयर भी चढ़े। Nifty Midcap 1.4% और Smallcap 1.1% ऊपर बंद हुए। BSE पर 2,868 शेयर चढ़े, जबकि 1,384 में गिरावट रही। यानी तेज़ी कुछ गिने-चुने शेयरों तक सीमित नहीं थी।
ऑटो और फाइनेंस शेयर सबसे आगे
16 में से 14 सेक्टोरल इंडेक्स बढ़त के साथ बंद हुए। Nifty Auto करीब 4.1% और Nifty Financial Services करीब 4% चढ़ा। Bank, Realty और PSU Bank इंडेक्स में भी करीब 3% की तेज़ी रही। सिर्फ Energy और Media इंडेक्स लाल निशान में रहे।
Nifty 50 में Bajaj Finance सबसे बड़ा गेनर रहा, जो करीब 7.65% चढ़ा। इसके बाद Shriram Finance (6.1%), Mahindra & Mahindra (5.6%), Maruti Suzuki (5.5%) और Tata Motors PV (5.5%) रहे। दूसरी तरफ Apollo Hospitals, ONGC, NTPC, Coal India और Adani Ports में 1% से 2.7% तक की गिरावट आई।
M&M के नतीजों ने ऑटो सेक्टर को दिया दम
ऑटो शेयरों की तेज़ी में Mahindra & Mahindra के सितंबर तिमाही (Q2 FY27) के नतीजों का बड़ा रोल रहा। कंपनी का कंसोलिडेटेड मुनाफा 25% बढ़कर ₹4,588 करोड़ रहा, जो पिछले साल इसी तिमाही में ₹3,673 करोड़ था। रेवेन्यू भी 25% बढ़कर ₹57,553 करोड़ पहुंच गया।
कंपनी की कुल गाड़ियों की बिक्री 26% बढ़कर करीब 3.31 लाख यूनिट रही। ऑटो बिज़नेस का मुनाफा 55% उछला। हालांकि ट्रैक्टर बिक्री 6% घटकर करीब 1.16 लाख यूनिट रह गई। मैनेजमेंट ने इसकी वजह त्योहारी सीज़न का समय खिसकना बताया। SUV रेवेन्यू में कंपनी का मार्केट शेयर 24.3% रहा।
तेज़ी के पीछे की वजहें
पहली बड़ी वजह कच्चे तेल का सस्ता होना है। बुधवार को Brent क्रूड करीब 8.7% टूटा और गुरुवार को यह 95 डॉलर प्रति बैरल के आसपास रहा। भारत अपनी ज़रूरत का ज़्यादातर तेल आयात करता है, इसलिए सस्ता क्रूड महंगाई, आयात बिल और रुपये तीनों के लिए राहत माना जाता है।
दूसरी वजह विदेशी निवेशकों (FPI) की वापसी है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, बुधवार को FPI ने ₹7,284 करोड़ के शेयर खरीदे, जो अक्टूबर 2025 के बाद एक दिन की सबसे बड़ी खरीद है। ग्लोबल चिप शेयरों में कमज़ोरी के बीच भारतीय IT शेयरों में भी 2% से ज़्यादा की तेज़ी दिखी।
Tazanews की राय: आपके लिए इसका मतलब
छह दिन की तेज़ी के बाद भी तस्वीर पूरी तरह गुलाबी नहीं है। 2026 में अब तक Sensex करीब 6.9% और Nifty करीब 6.2% नीचे है। यानी बाजार अभी सिर्फ पुराने नुकसान की भरपाई कर रहा है।
सीधा हिसाब समझिए: अगर आपके पोर्टफोलियो में ₹1 लाख का Nifty इंडेक्स फंड है, तो आज की 2.4% तेज़ी से उसकी वैल्यू करीब ₹2,400 बढ़ी होगी। लेकिन इतनी तेज़ रैली के बाद मुनाफावसूली भी आम बात है, और तेल की कीमतें तेज़ी से पलट सकती हैं। SIP करने वालों के लिए एक-दो दिन की उछाल पर फैसला बदलना समझदारी नहीं होती। 8 नवंबर को मुहूरत ट्रेडिंग भी है, जिस पर नज़र रहेगी।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
5 नवंबर को Sensex और Nifty कहां बंद हुए?
Sensex 2,008.61 अंक चढ़कर 79,310.01 पर और Nifty 576 अंक चढ़कर 24,536.60 पर बंद हुआ।
आज शेयर बाजार क्यों चढ़ा?
कच्चे तेल में तेज़ गिरावट, विदेशी निवेशकों की बड़ी खरीदारी और M&M जैसे मज़बूत तिमाही नतीजों ने बाजार को सहारा दिया।
आज Nifty का टॉप गेनर कौन रहा?
Bajaj Finance करीब 7.65% चढ़कर Nifty 50 का टॉप गेनर रहा।
(नोट: ये खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, इसे निवेश की सलाह न समझें।)
स्रोत: HDFC Sky, Business Standard, Business Today




