चक्रवात अरनब (Cyclone Arnab) कमजोर पड़ चुका है, लेकिन मौसम की परेशानी अभी खत्म नहीं हुई। IMD के मुताबिक दक्षिण अंडमान सागर पर बना नया लो प्रेशर एरिया 31 अक्टूबर तक दक्षिण-पूर्व बंगाल की खाड़ी में डिप्रेशन बन सकता है और इसके आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ने का अनुमान है।
इधर उत्तर भारत में भी मौसम ने करवट ली है। IMD ने 30 अक्टूबर के लिए दिल्ली-NCR, हरियाणा और पंजाब में आंधी-बारिश और कहीं-कहीं ओले गिरने की चेतावनी दी थी, जबकि बिहार और पूर्वी उत्तर प्रदेश में भारी बारिश का अलर्ट है।
मुख्य बातें
- अंडमान सागर का नया लो प्रेशर 31 अक्टूबर तक डिप्रेशन बन सकता है
- दिल्ली-NCR, हरियाणा, चंडीगढ़ में आंधी और कहीं-कहीं ओलों का अनुमान
- बिहार, पूर्वी UP और सब-हिमालयन बंगाल में भारी बारिश का अलर्ट
- अरनब से दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र में भारी बारिश, कई जगह रास्ते बंद हुए
अरनब का सबसे ज्यादा असर कहां दिखा
बहुत गंभीर चक्रवाती तूफान अरनब 28 अक्टूबर की तड़के आंध्र प्रदेश तट से टकराया था, तब हवा की रफ्तार 125-135 किमी प्रति घंटा थी। ज़मीन पर आने के बाद ये कमजोर होता गया और 29 अक्टूबर तक डिप्रेशन में बदलकर दक्षिण छत्तीसगढ़ और दक्षिण ओडिशा के ऊपर पहुंच गया।
इसका सबसे ज्यादा असर दक्षिण ओडिशा और उत्तर आंध्र प्रदेश में बारिश के रूप में दिखा। IMD के आंकड़ों के मुताबिक, 29 अक्टूबर सुबह तक के 24 घंटों में ओडिशा के गंजाम ज़िले के पात्रपुर में 546 मिमी और सोराडा में 503 मिमी बारिश दर्ज हुई। कंधमाल के जी. उदयगिरि में 462 मिमी पानी बरसा। समझने के लिए, दिल्ली में पूरे साल में औसतन 700-800 मिमी के आसपास बारिश होती है, यानी इन इलाकों में एक ही दिन में कई महीनों जितना पानी गिर गया।
अब नया सिस्टम: कहां बन रहा है, किधर जाएगा
IMD के 30 अक्टूबर सुबह के अपडेट के मुताबिक नया लो प्रेशर दक्षिण अंडमान सागर और अंडमान-निकोबार द्वीप समूह के आसपास है और पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ रहा है। 31 अक्टूबर तक इसके डिप्रेशन बनने का अनुमान है, जिसके बाद अगले दो दिनों में ये आंध्र प्रदेश तट की ओर बढ़ सकता है।
कुछ मौसम मॉडल इसके और मजबूत होने का संकेत दे रहे हैं, लेकिन IMD ने अभी तक इसे चक्रवात बनने की पुष्टि नहीं की है। फिलहाल आंध्र तट के लिए कोई पोर्ट वॉर्निंग जारी नहीं हुई है। अधिकारियों के मुताबिक नवंबर के पहले हफ्ते में पूर्वी तट पर बारिश फिर तेज़ हो सकती है।
दिल्ली, UP, बिहार में कैसा रहेगा मौसम
दिल्ली, हरियाणा और चंडीगढ़ के लिए IMD ने 29-30 अक्टूबर को कई जगह बारिश, 50-60 किमी प्रति घंटा तक की तेज़ हवाओं और कहीं-कहीं ओले गिरने की चेतावनी दी थी। पंजाब में भी आंधी-ओलावृष्टि का अनुमान है। राहत की बात ये है कि 31 अक्टूबर से बारिश घटने और नवंबर की शुरुआत में मौसम साफ होने की उम्मीद है।
पूर्वी उत्तर प्रदेश के वाराणसी, गोरखपुर, प्रयागराज जैसे ज़िलों में भारी बारिश का अनुमान है। बिहार में कहीं-कहीं बहुत भारी बारिश हो सकती है। सब-हिमालयन पश्चिम बंगाल, सिक्किम और पूर्वोत्तर राज्यों में भी गरज-चमक के साथ बारिश का अलर्ट है।
आपके लिए इसका मतलब
- ओले और आंधी के वक्त: गाड़ी खुले में या पेड़ के नीचे पार्क न करें, बाइक सवार कुछ देर रुककर निकलें।
- किसान: कटी हुई फसल और अनाज को ढककर रखें, अगले 1-2 दिन ज़िला कृषि सलाह पर नज़र रखें।
- यात्रा: आंध्र, ओडिशा या बंगाल की ओर ट्रेन या सड़क से जा रहे हैं तो निकलने से पहले स्टेटस चेक कर लें।
- बिजली गिरने का खतरा: गरज के दौरान खुले मैदान, पानी और बिजली के खंभों से दूर रहें।
Tazanews की राय: अक्टूबर के आखिर में ओले और भारी बारिश आम बात नहीं है। अफवाहों के बजाय IMD और स्थानीय प्रशासन की आधिकारिक चेतावनियों पर ही भरोसा करें, क्योंकि नए सिस्टम का रास्ता अगले 48 घंटों में ही साफ होगा।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
क्या अरनब के बाद नया चक्रवात आ रहा है?
अंडमान सागर में नया लो प्रेशर बना है, जो 31 अक्टूबर तक डिप्रेशन बन सकता है। IMD ने अभी इसके चक्रवात बनने की पुष्टि नहीं की है।
दिल्ली में बारिश कब तक रहेगी?
IMD के अनुमान के मुताबिक 31 अक्टूबर को कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है, उसके बाद नवंबर की शुरुआत में मौसम साफ रहने की उम्मीद है।
अरनब से सबसे ज्यादा बारिश कहां हुई?
IMD के आंकड़ों के मुताबिक ओडिशा के गंजाम ज़िले के पात्रपुर में 24 घंटे में 546 मिमी बारिश दर्ज की गई, जो सबसे ज्यादा थी।
स्रोत: Outlook India, Business Today, India.com




