दुनिया की सबसे बड़ी ई-कॉमर्स और क्लाउड कंपनी Amazon के तिमाही नतीजों ने निवेशकों को मिला-जुला संकेत दिया है। जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में Amazon की क्लाउड यूनिट AWS की कमाई 39% उछलकर करीब 46 अरब डॉलर पहुंच गई, लेकिन कुल रेवेन्यू और प्रति शेयर कमाई (EPS) वॉल स्ट्रीट के अनुमान से थोड़ी पीछे रह गई।
नतीजे आने के बाद अमेरिकी बाजार बंद होने के बाद की ट्रेडिंग (आफ्टर-आवर्स) में Amazon का शेयर एक समय 11% से ज्यादा टूट गया। इसकी बड़ी वजह भारी-भरकम खर्च और कमजोर फ्री कैश फ्लो को माना जा रहा है।
मुख्य बातें
- कुल रेवेन्यू 12% बढ़कर 201.9 अरब डॉलर, अनुमान से थोड़ा कम
- AWS की कमाई 39% बढ़कर 46 अरब डॉलर, अनुमान से बेहतर
- तिमाही में 77.3 अरब डॉलर का कैपेक्स, यानी AI पर भारी खर्च
- आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में शेयर एक समय 11% से ज्यादा गिरा
नतीजों में क्या अच्छा, क्या कमजोर
Amazon का कुल रेवेन्यू 201.9 अरब डॉलर रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही के 180.2 अरब डॉलर से 12% ज्यादा है। पर बाजार को करीब 202.3 अरब डॉलर की उम्मीद थी। डाइल्यूटेड EPS 1.89 डॉलर रहा, जबकि अनुमान 1.96 डॉलर का था।
अच्छी खबर मुनाफे की तरफ से आई। कंपनी का ऑपरेटिंग इनकम 28.1 अरब डॉलर रहा और ऑपरेटिंग मार्जिन 13.9% तक पहुंचा, जिसे कंपनी ने अब तक का सबसे ऊंचा बताया है। कुल नेट इनकम में हल्की गिरावट दिखी, क्योंकि पिछले साल की इसी तिमाही में एक बड़ा एकमुश्त निवेश-मुनाफा जुड़ा था।
AWS बना सबसे बड़ा सहारा
AWS यानी Amazon Web Services वो क्लाउड सर्विस है, जिस पर दुनिया भर की हज़ारों कंपनियों की वेबसाइट, ऐप और AI सिस्टम चलते हैं। इस तिमाही में AWS की कमाई 33 अरब डॉलर से बढ़कर करीब 46 अरब डॉलर हो गई और इसका ऑपरेटिंग इनकम करीब 17.8 अरब डॉलर रहा।
मोटा हिसाब लगाएं तो Amazon की कुल कमाई में AWS का हिस्सा करीब 23% है, लेकिन कंपनी के कुल ऑपरेटिंग मुनाफे में इसका योगदान 60% से ज्यादा है। यही वजह है कि निवेशक AWS की ग्रोथ पर सबसे ज्यादा नज़र रखते हैं।
फिर शेयर क्यों गिरा?
असली चिंता खर्च की है। सिर्फ इस एक तिमाही में Amazon ने डेटा सेंटर, चिप्स और दूसरी संपत्तियों पर करीब 77.3 अरब डॉलर खर्च किए, जो पिछले साल इसी तिमाही के 35.1 अरब डॉलर से दोगुने से भी ज्यादा है। पूरे 2026 के लिए कंपनी करीब 220 अरब डॉलर के कैपेक्स का अनुमान बनाए हुए है। इतने खर्च की वजह से तिमाही का फ्री कैश फ्लो माइनस में चला गया।
माहौल भी पहले से कमजोर था। नतीजों से पहले ही AI पर भारी खर्च की चिंता में अमेरिकी टेक शेयरों में बिकवाली चल रही थी, इसलिए छोटी सी चूक पर भी बाजार ने तीखी प्रतिक्रिया दी। अक्टूबर-दिसंबर तिमाही के लिए Amazon ने 240 से 247 अरब डॉलर की बिक्री का अनुमान दिया है।
आपके लिए इसका मतलब
भारत में आम ग्राहक के लिए इन नतीजों का सीधा असर नहीं है, Amazon.in पर शॉपिंग वैसे ही चलती रहेगी। लेकिन तस्वीर बड़ी है: दुनिया की टेक कंपनियां AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर रिकॉर्ड पैसा लगा रही हैं, और शेयर बाजार अब ये पूछ रहा है कि इस खर्च से कमाई कब और कितनी लौटेगी।
Tazanews की राय: क्लाउड की 39% ग्रोथ इतनी बड़ी कंपनी के लिए कमज़ोर नहीं कही जा सकती। गिरावट कंपनी के कारोबार से ज्यादा बाजार की बढ़ी हुई उम्मीदों और AI खर्च को लेकर बेचैनी को दिखाती है। आने वाली तिमाहियों में देखना होगा कि ये निवेश मुनाफे में कितनी तेज़ी से बदलता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
Amazon का Q3 2026 रेवेन्यू कितना रहा?
जुलाई-सितंबर 2026 तिमाही में Amazon का कुल रेवेन्यू 201.9 अरब डॉलर रहा, जो सालाना आधार पर 12% ज्यादा है।
AWS की ग्रोथ कितनी रही?
AWS की कमाई करीब 39% बढ़कर 46 अरब डॉलर पहुंच गई, जो बाजार के अनुमान से बेहतर है।
नतीजों के बाद Amazon का शेयर क्यों गिरा?
कुल रेवेन्यू और EPS अनुमान से थोड़े कम रहे, और AI इंफ्रास्ट्रक्चर पर भारी खर्च से फ्री कैश फ्लो माइनस में चला गया। इसी वजह से आफ्टर-आवर्स में शेयर दबाव में आया।
(नोट: ये खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, इसे निवेश की सलाह न समझें।)
स्रोत: Forbes, StockTitan, TradingKey




