दिल्ली की हवा इस सीज़न में पहली बार ‘बहुत खराब’ श्रेणी में पहुंच गई है। सोमवार, 2 नवंबर की सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 312 दर्ज किया गया, यानी ठंड की शुरुआत के साथ ही राजधानी में स्मॉग का दौर लौट आया है।
पिछले हफ्ते हुई बारिश से हवा कुछ दिन साफ रही थी, लेकिन अब हल्की ठंड, धीमी हवा और सुबह की धुंध ने प्रदूषण को फिर ऊपर पहुंचा दिया। कई इलाकों में सुबह हल्की धुंधली परत साफ दिखी।
मुख्य बातें
- 2 नवंबर सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 312, सीज़न में पहली बार ‘बहुत खराब’
- 301 से 400 के बीच AQI को ‘बहुत खराब’ माना जाता है, इसी रेंज में GRAP का स्टेज-2 लागू होता है
- न्यूनतम तापमान करीब 16.4°C, पिछले 24 घंटे में कोई बारिश नहीं
- बच्चे, बुज़ुर्ग और सांस-दिल के मरीज़ सुबह-शाम बाहर लंबी एक्सरसाइज़ से बचें
आज दिल्ली में कैसी रही हवा
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के आधार पर रिपोर्ट्स में बताया गया कि सुबह 9 बजे का AQI 312 रहा। ध्यान रहे, ये सुबह की रीडिंग है। CPCB का रोज़ाना औसत AQI शाम 4 बजे जारी होता है, और दिनभर हवा की रफ्तार के हिसाब से ये आंकड़ा ऊपर-नीचे होता रहता है।
मौसम की बात करें तो सफदरजंग और पालम में न्यूनतम तापमान 16.4°C रहा, जो सामान्य से करीब 1.1 डिग्री ज़्यादा है। लोधी रोड, रिज और आयानगर में भी पारा 16 से 17 डिग्री के बीच रहा, और किसी भी स्टेशन पर बारिश दर्ज नहीं हुई।
AQI स्केल और GRAP को आसान भाषा में समझिए
CPCB के पैमाने पर 0-50 ‘अच्छा’, 51-100 ‘संतोषजनक’, 101-200 ‘मध्यम’, 201-300 ‘खराब’, 301-400 ‘बहुत खराब’ और 401-500 ‘गंभीर’ माना जाता है। यानी 312 का मतलब है कि दिल्ली ‘खराब’ की लाइन पार करके अगले, ज़्यादा खतरनाक स्तर में कदम रख चुकी है।
ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) का स्टेज-2 इसी ‘बहुत खराब’ रेंज के लिए है। इसे लागू करने का फैसला कमीशन फॉर एयर क्वालिटी मैनेजमेंट (CAQM) की सब-कमेटी हवा और मौसम के पूर्वानुमान को देखकर करती है। स्टेज-2 में आम तौर पर डीज़ल जनरेटर पर रोक और धूल कंट्रोल जैसे कड़े कदम शामिल होते हैं।
पिछले साल से तुलना: इस बार राहत थोड़ी लंबी चली
अच्छी बात ये रही कि इस साल अक्टूबर पिछले कई सालों के मुकाबले साफ रहा। लगातार बारिश और चक्रवाती सिस्टम की वजह से हवा बार-बार धुलती रही, इसलिए ‘बहुत खराब’ वाला दिन नवंबर तक टल गया। लेकिन नवंबर-दिसंबर दिल्ली के लिए आम तौर पर सबसे मुश्किल महीने होते हैं, क्योंकि ठंडी हवा ज़मीन के पास प्रदूषण को फंसा लेती है।
आपके लिए इसका मतलब: अभी से करें ये तैयारी
- सुबह की सैर का समय बदलें: सुबह-सुबह स्मॉग सबसे घना होता है। धूप निकलने के बाद या घर के अंदर एक्सरसाइज़ बेहतर विकल्प है।
- सही मास्क चुनें: कपड़े या सर्जिकल मास्क PM2.5 को ठीक से नहीं रोकते। बाहर ज़्यादा समय बिताना हो तो चेहरे पर फिट बैठने वाला N95 मास्क ज़्यादा काम का है।
- घर की हवा: जिस कमरे में सबसे ज़्यादा समय बीतता है (खासकर बच्चों या बुज़ुर्गों का बेडरूम), वहां कमरे के साइज़ के हिसाब से CADR वाला HEPA एयर प्यूरीफायर मदद कर सकता है। प्यूरीफायर चलाते समय खिड़कियां बंद रखें।
- AQI चेक करने की आदत: बाहर निकलने से पहले CPCB का SAMEER ऐप या कोई भरोसेमंद AQI ऐप देख लें।
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Tazanews की राय: एक दिन की रीडिंग से घबराने की ज़रूरत नहीं, लेकिन लापरवाही भी ठीक नहीं। आने वाले हफ्तों में दिवाली और गिरता तापमान, दोनों हवा पर दबाव बढ़ा सकते हैं। मास्क, घर के अंदर की हवा और बाहर निकलने का समय, इन तीन बातों का ध्यान रखकर काफी हद तक बचाव हो सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
आज दिल्ली का AQI कितना है?
2 नवंबर 2026 की सुबह 9 बजे दिल्ली का AQI 312 दर्ज हुआ, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। ताज़ा आंकड़ों के लिए CPCB का पोर्टल या SAMEER ऐप देखें।
AQI 300 से ऊपर होने का क्या मतलब है?
301 से 400 के AQI को ‘बहुत खराब’ माना जाता है। लंबे समय तक ऐसी हवा में रहने से सांस से जुड़ी परेशानी हो सकती है, खासकर बच्चों, बुज़ुर्गों और पहले से बीमार लोगों को।
GRAP स्टेज-2 कब लागू होता है?
जब AQI ‘बहुत खराब’ (301-400) रेंज में पहुंचता है, तब CAQM पूर्वानुमान देखकर GRAP स्टेज-2 लागू करने का फैसला लेता है।
(नोट: ये जानकारी सामान्य जागरूकता के लिए है। सांस, अस्थमा या दिल की कोई परेशानी हो तो अपने डॉक्टर से सलाह ज़रूर लें।)




