चिप बनाने वाली अमेरिकी कंपनी AMD ने जुलाई-सितंबर तिमाही (Q3 2026) में रिकॉर्ड कमाई दर्ज की है। कंपनी का रेवेन्यू करीब 45% बढ़कर $13.38 अरब पहुंच गया, और इसकी सबसे बड़ी वजह रही AI चिप्स की ज़बरदस्त डिमांड, जिसने डेटा सेंटर बिज़नेस को लगभग दोगुना कर दिया।
नतीजे मंगलवार (अमेरिकी समय) को आए और उम्मीद से बेहतर निकले। इसके बाद अमेरिकी बाज़ार के एक्सटेंडेड ट्रेडिंग में AMD का शेयर करीब 7% तक उछल गया।
मुख्य बातें
- Q3 रेवेन्यू $13.38 अरब, पिछले साल के करीब $9.2 अरब से लगभग 45% ज़्यादा
- प्रति शेयर कमाई (EPS) $2.09, अनुमान $1.97 था
- डेटा सेंटर रेवेन्यू रिकॉर्ड $8.5 अरब से ऊपर, सालभर में लगभग दोगुना
- गेमिंग रेवेन्यू 40% गिरकर $773 मिलियन, PC सेगमेंट अनुमान से कमज़ोर
नतीजों में क्या-क्या निकला
Yahoo Finance की रिपोर्ट के मुताबिक AMD का रेवेन्यू $13.38 अरब रहा, जबकि एनालिस्ट्स ने करीब $13.08 अरब का अनुमान लगाया था। प्रति शेयर एडजस्टेड कमाई $2.09 रही, जो पिछले साल इसी तिमाही में $1.20 थी।
रुपये में समझें तो (करीब ₹94.6 प्रति डॉलर के हिसाब से) AMD ने तीन महीने में लगभग ₹1.27 लाख करोड़ का बिज़नेस किया। ये रकम भारत की कई बड़ी लिस्टेड कंपनियों की पूरे साल की कमाई से भी ज़्यादा है।
डेटा सेंटर बना कंपनी का इंजन
डेटा सेंटर सेगमेंट से AMD को $8.5 अरब से ज़्यादा मिले, जो एक साल पहले $4.34 अरब थे। Investing.com के मुताबिक ये कंपनी का अब तक का रिकॉर्ड है, और इसके पीछे Instinct AI एक्सेलेरेटर और EPYC सर्वर प्रोसेसर की मांग है।
एक आसान हिसाब देखिए: पिछले साल AMD की कुल कमाई में डेटा सेंटर का हिस्सा करीब 47% था, जो अब बढ़कर लगभग 64% हो गया है। यानी AMD अब सिर्फ गेमिंग और लैपटॉप चिप वाली कंपनी नहीं रही, उसकी पहचान AI इंफ्रास्ट्रक्चर से बन रही है। CEO Lisa Su ने कहा कि नए Helios और “Venice” प्रोडक्ट्स का प्रोडक्शन बढ़ने के साथ चौथी तिमाही में ग्रोथ और तेज़ होने की उम्मीद है।
गेमिंग और PC में क्यों आई सुस्ती
हर सेगमेंट में तस्वीर इतनी चमकदार नहीं रही। क्लाइंट (PC) सेगमेंट का रेवेन्यू $2.9 अरब रहा, जबकि अनुमान $3.06 अरब का था। गेमिंग रेवेन्यू 40% गिरकर $773 मिलियन पर आ गया, हालांकि ये भी एनालिस्ट्स के अनुमान से थोड़ा बेहतर था।
रिपोर्ट के मुताबिक मेमोरी और स्टोरेज की कमी से गैजेट्स महंगे हुए हैं, जिससे गेमिंग हार्डवेयर की डिमांड पर असर पड़ा। AI डेटा सेंटर्स जितनी मेमोरी खींच रहे हैं, उसका असर आम कंज़्यूमर प्रोडक्ट्स की कीमत पर भी दिख रहा है।
आपके लिए इसका मतलब
भारत में लैपटॉप या गेमिंग PC खरीदने वालों के लिए संकेत साफ है: AI की होड़ में चिप कंपनियों का फोकस डेटा सेंटर पर है, और मेमोरी की कमी से कंज़्यूमर गैजेट्स के दाम पर दबाव बना हुआ है। अगर आप नया लैपटॉप या ग्राफिक्स कार्ड लेने की सोच रहे हैं, तो त्योहारी सेल में बैंक ऑफर और एक्सचेंज डील ध्यान से तुलना करके ही फैसला लें।
Tazanews की राय में ये नतीजे बताते हैं कि AI पर खर्च अभी थमा नहीं है, बल्कि Nvidia के अलावा दूसरी कंपनियां भी इसका बड़ा हिस्सा पकड़ रही हैं। AMD के भारत में बड़े R&D सेंटर हैं, इसलिए इस ग्रोथ का असर यहां चिप डिज़ाइन से जुड़ी नौकरियों पर भी सकारात्मक दिख सकता है।
अक्सर पूछे जाने वाले सवाल
AMD का Q3 2026 रेवेन्यू कितना रहा?
AMD का रेवेन्यू $13.38 अरब रहा, जो पिछले साल की इसी तिमाही से करीब 45% ज़्यादा है।
AMD का डेटा सेंटर बिज़नेस क्या है?
इसमें बड़े सर्वर और AI सिस्टम्स के लिए चिप्स आते हैं, जैसे EPYC सर्वर प्रोसेसर और Instinct AI एक्सेलेरेटर, जिन्हें क्लाउड और AI कंपनियां खरीदती हैं।
गेमिंग रेवेन्यू क्यों गिरा?
रिपोर्ट के मुताबिक मेमोरी और स्टोरेज की कमी से हार्डवेयर महंगा हुआ, जिससे गेमिंग डिमांड कमज़ोर पड़ी और रेवेन्यू 40% घटा।
(नोट: ये खबर सिर्फ जानकारी के लिए है, इसे निवेश की सलाह न समझें।)
स्रोत: Yahoo Finance, Investing.com




